खरगोन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लोगों को सस्ता व सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से शनिवार को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। अदालत में विभिन्ना समझौता योग्य प्रकरणों के साथ पारिवारिक कलह के कारण अलग-अलग हुए पति-पत्नी भी न्यायालीयन हस्तक्षेप के बाद फिर से एक होकर खुशी-खुशी घर लौट गए। लोक अदालत के दौरान प्रथम जिला अपर सत्र न्यायाधीश जीसी मिश्रा के खंडपीठ में वर्षो से एक दूसरे से अलग रह रहे राहुल और छाया फिर से एक हो गए। दोनों ने न्यायालयीन परामर्श के बाद एक दूसरे साथ दोबारा नया दांपत्य जीवन शुरु किया और छोटे-छोटे बच्चों के साथ घर लौटे।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पदमा राजौरे तिवारी की खंडपीठ में पक्षकारों के बीच राजीनामा का प्रयास करने पर एक प्रीलिटिगेशन प्रकरण में अनावेदक पर लगभग 91 हजार रुपये की राशि बकाया थी, वह महज 32 हजार रुपये के समझौते में तय हो गई और भारतीय स्टेट बैंक के प्रकरण का निस्तारण हो गया। एक करोड़ 39 लाख 12 हजार 132 रुपये के अवार्ड पारित : लोक अदालत का सुबह 10.30 बजे प्रथम जिला सत्र न्यायाधीश जीसी मिश्रा व अधिवक्ता संघ अध्यक्ष मुकेश पंडया ने दीप प्रज्जवल कर शुभारंभ किया। लोक अदालत में खरगोन न्यायालय में आठ खंडपीठों पर 190 प्रकरणों का निराकरण

किया गया। इन प्रकरणों में एक करोड़ 39 लाख 12 हजार 132 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। लंबित 83 प्रकरणों का निराकरण हुआ जबकि प्रीलिगेशन के 107 प्रकरणों का निराकरण हुआ। लंबित अपराधिक शमनीय 14, पराक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 के 22, मोटर दुर्घटना दावा क्षतिपुर्ति के आठ, वैवाहिक नौ, श्रम विवाद 13 और अन्य 17 प्रकरण शामिल हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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