खरगोन। जिले के बिस्टान क्षेत्र में खेतों में मजदूरी करने के लिए ले जाए जा रहे 38 बाल मजदूरों को रेस्क्यू कर छुड़ाया गया। इनमें 33 बच्चियां और 5 बच्चे शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक इन सभी बच्चों को गढ़ी, मोगरगांव और ढाबला ले जाया जा रहा था। बिस्टान पुलिस की मदद से चाइल्ड लाइन ने यह कार्रवाई की है। फिलहाल सभी बच्चों को खरगोन स्थित बाल कल्याण समिति लाया गया है। गढ़ी गांव के बच्चों को 100 रुपए रोज पर सुबह सात बजे से मजदूरी के लिए 3 पिकअप में ले जाया जा रहा था। ये सभी वहां मिर्च तोड़ने और कपास चुनने का काम करते थे। बाल मजदूरों के छुड़ाने का यह यहां पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी इस तरह कई बार इनको खेतों और अन्य जगहों से रेस्क्यू किया गया है।

इसके पहले खरगोन जिले में गडरिया गिरोह के कब्जे से 10 बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। उन सभी को पांच से सात हजार रुपए सालाना मजदूरी पर अपनी कैद में रखकर काम करवा जाता था। चाइल्ड लाइन को सूचना मिली थी कि भीकनगांव के पास सुंदरेल गांव में राजस्थान से आए भेड़ चराने वाले इन बच्चों से काम करवा रहे हैं। इस सूचना के बाद चाइल्ड लाइन की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और बच्चो को लेकर आई थी। ये बच्चे खरगोन, खंडवा और राजस्थान के थे। रेस्क्यू के बाद बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति खरगोन लाकर काउंसलिंग की गई थी। कम पैसों में बच्चों से मजदूरी करने के मामले पहले भी कई मामले सामने आते रहे हैं।

Posted By: Prashant Pandey