*शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश जारी

बड़वाह (नईदुनिया न्यूज)। नवीन शिक्षा सत्र के शुरू होते ही गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निजी स्कूलों में निश्शुल्क प्रवेश दिलाने के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। अभिभावक 30 जून तक आनलाइन आवेदन कर इस अधिनियम के तहत बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिला सकते हैं। वहीं कोरोनाकाल में बंद हुए स्कूलों में आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अधर में है। ऐसे करीब 82 बच्चों को चिन्हित कर विभाग इनके पुनः प्रवेश की योजना तैयार कर रहा है।

बीआरसी महेश कनासे ने बताया कि ब्लाक में 10 स्कूलों के बंद होने से आरटीई के तहत प्रवेशित 82 विद्यार्थियों का भविष्य अभी अधर में है। हालांकि शिक्षा विभाग के निर्देश पर ब्लाक की बंद स्कूलों का चयन करके किस स्कूल में कितने विद्यार्थियों को आरटीई के तहत प्रवेश मिला था, इसकी सूची तैयार करके राज्य शिक्षा केंद्र को भेज दी गई है। जैसे ही आदेश जारी होगा, चिन्हित विद्यार्थियों को अन्य स्कूलों में प्रवेश दिलवाने के लिए तैयारी की जाएगी। आरटीई में निश्शुल्क प्रवेश के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार के बच्चे, विमुक्त जाति, निश्शक्त बच्चे और एचआइवी ग्रस्त बच्चे, गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले बच्चे, अनाथ बच्चे, कोविड के दौरान माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु के कारण अनाथ हुए बच्चे पात्र है।

20 जून से शुरू होगा सत्यापन

बीआरसी कनासे ने बताया कि अभिभावकों को आरटीई में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन के बाद पोर्टल से प्राप्त रसीद को मूल दस्तावेजों के साथ जनशिक्षा केंद्र में सत्यापन करवाना होगा। सत्यापन की यह प्रक्रिया 20 जून से एक जुलाई तक चलेगी। इसके बाद रेंडम पद्धति से आनलाइन लाटरी द्वारा स्कूल का आवंटन होगा। चयनित आवेदकों को एसएमएस से पांच जुलाई को सूचना दी जाएगी। छह जुलाई से 16 जुलाई पर बच्चों को संबंधित स्कूलों में उपस्थित होकर प्रवेश लेना होगा। इसी तरह स्कूल संचालकों को इसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। प्रवेश प्रक्रिया के दूसरे चरण में स्कूलों की च्वाइस अपडेट करने का मौका मिलेगा। निजी स्कूलों में दूसरा चरण 20 जुलाई से शुरू होगा। 25 जुलाई तक बच्चे स्कूलों की च्वाइस को अपडेट करेंगे। इसके बाद 28 जुलाई को लाटरी द्वारा स्कूल आवंटन होगा। पांच अगस्त तक बच्चों को आवंटित स्कूलों में पहुंचकर प्रवेश लेना होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close