बामंदी (नईदुनिया न्यूज)। प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है, लेकिन स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत का कार्य नहीं कराया जा रहा है। विद्यालयों में शिक्षण सत्र शुरू हो गया है। ऐसे में बच्चे स्कूलों के जर्जर भवन में पढ़ने के लिए मजबूर है। स्कूलों के खस्ताहाल भवनों को देख अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।

इसका असर स्कूलों में होने वाले नामांकन भी पड़ रहा है। ग्राम स्थित कन प्राथमिक विद्यालय का 30 साल से अधिक पुराना भवन जर्जर हो गया है। स्कूल की दीवारों में जगह-जगह दरार पड़ गई है। दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है। वर्षाकाल में दीवारों में सीलन हो जाती है। जर्जर भवन के कारण दुर्घटना की आशंका लगी रहती है। जर्जर भवन की सुध नहीं लिए जाने से पालकों में चिंता है।

शिक्षक दिनेश पटेल और नारायण पटेल ने बताया कि भवन की पुरानी छत में लगी फर्शियां आपस मे जाइंट छोड़ चुकी हैं। वर्षा होने पर कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है। दीवारों में भी दरारें पड़ चुकी हैं और प्लास्टर हाथ लगाने भर से उखड़ रहा है। वर्षा के दिनों में सीलन के कारण कमरों में नमी और उमस महसूस किया जा सकता है। गांव के छोटे गरीब परिवार के बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए विवश हैं। शिक्षकों ने इस दिशा में कई बार मांग की है, परंतु ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बच्चों के साथ शिक्षक भी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। पालकों ने नया स्कूल भवन बनाने की मांग की है।

स्कूल का समय बदलने का विचार

शिक्षकों ने बताया कि स्कूल परिसर में प्राथमिक शाला के अलावा माध्यमिक शाला और कन्या हाइस्कूल भी संचालित हो रही है। विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने से भवन की कमी से भी जूझना पड़ रहा है। इस कारण प्राथमिक शाला के बच्चों को अन्य भवन में नहीं बैठा सकते हैं। इस समस्या को देखते हुए अब स्कूल के शिक्षक अधिकारियों को अवगत कराकर स्कूल का समय परिवर्तन करने का विचार बना रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि प्राथमिक शाला के बच्चों को सुबह की पाली में बुलाने की योजना बना रहे हैं ताकि इन बच्चों को जहां अभी कन्या हाइस्कूल संचालित हो रही है वहां व्यवस्थित भवन में बैठाया जा सके।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी व प्राचार्य से शाला भवनों व शिक्षकों की स्थिति की जानकारी लेंगे। प्रयास होगा कि जल्द समस्याओं का निराकरण हो। -केके डोंगरे, जिला शिक्षा अधिकारी, खरगोन

स्कूल भवन जर्जर, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

भगवानपुरा। ग्राम धूलकोट के चैनसिंह फ़ाल्या की प्राथमिक शाला इन दिनों जर्जर अवस्था में पहुंच गई है। स्कूल क्षतिग्रस्त है, छत से सरिए निकलने लगे हैं। यहां बच्चे स्कूल आने में डर रहे हैं। वर्तमान में पास ही स्थित निजी आवास में बच्चों की शाला लग रही है। ग्रामीण बलराम सोलंकी, महेश जाधव, मुकेश सोलंकी ने बताया कि सरियों के साथ छत की सीमेंट भी उखड़ने लगी है। नए भवन की मांग को लेकर कई बार आवेदन भी दे चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया है। जिम्मेदारों का कोई ध्यान नहीं है। ऐसे ही हाल देवड़ा ग्राम पंचायत के सुलिया फलिया की प्राथमिक शाला का है। जहां भवन जर्जर अवस्था में है। सुरेश, ओंकार आदि ने बताया कि वर्षाकाल में छत से पानी टपकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी हो रही है। इस मामले में विकासखंड स्रोत समन्वयक प्रभात परमार्थी ने कहा कि नए भवन निर्माण का प्रस्ताव बनाकर भेजा है।

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