खरगोन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के आनंद नगर स्थित कपास मंडी में 16 सितंबर से कपास खरीदी का श्रीगणेश होगा। मंडी सचिव रामवीर किरार ने कहा कि गुरुवार सुबह 10.30 बजे से कपास की नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी। इस वर्ष जिले में बेहतर बारिश नहीं होने से इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। जिले में इस वर्ष दो लाख 18 हजार 138 हेक्टेयर में बोवनी की गई है। दो लाख 81 हजार 398 हेक्टेयर में कपास उत्पादन का लक्ष्‌य है। प्रति हेक्टेयर 12 क्विंटल 90 किलो उत्पादन का अनुमान है। हालांकि वर्तमान हालात को देखते हुए स्थिति बेहतर नहीं है। गत वर्ष मंडी में एक लाख 34 हजार 490 क्विंटल कपास की खरीदी गई थी। कपास का न्यूनतम मूल्य 1700 और अधिकतम मूल्य सात हजार रुपये तक पहुंचा था। इस वर्ष भी किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। किरार ने बताया कि मंडी में कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक उपाय भी किए जा रहे है। उसी का पालन करते हुए कपास वाहन या गाड़ी के साथ एक ही व्यक्ति रहे और मास्क लगाकर रहे। नीलामी स्थल पर अनावश्यक भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी।

कपास के पौधों पर लगे हैं कम घेटे

कृषि विभाग के उपसंचालक चौहान ने बताया कि जिले में निर्धारित समय पर बारिश नहीं होने से फसलों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। जिसके चलते कपास के पौधे पर गत वर्षों की अपेक्षा घेटे कम लगे हैं। निरीक्षण के दौरान कपास के पौधों पर औसतन आठ से 10 घेटे लगे हैं। जबकि गत वर्षों में कपास के पौधों पर 20 से अधिक घेटे लगे थे। कई स्थानों पर पहले ही फ्लस के बाद फसलें सूख गई हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले में अधिकांश किसानों ने मई माह में तेज धूप और तापमान के दौरान ही बोवनी कर दी थी। इस कारण भी फसल की ग्रोथ और उत्पादन प्रभावित हुआ है।

खरगोन कपास मंडी में पिछले पांच वर्ष की आवक और दाम

वर्ष- आवक- भाव

2016-17- 1285695- 2600-7100

2017-18- 1279553- 3200-6040

2018-19- 1528763- 3200-6180

2019-20- 1108495- 1500-6340

2020-21- 1034490- 1700-7000

स्त्रोत- मंडी कार्यालय, आवक- प्रति क्विंटल

कपास का पिछले पांच वर्ष का रकबा, उत्पादन और उत्पादकता

वर्ष- रकबा- उत्पादन- उत्पादकता

2016-17- 195.069- 332.983- 1707

2017-18- 186.615- 243.906- 1307

2018-19- 196.133- 319.108- 1627

2019-20- 210.000- 357.000- 1700

2020-21- 218.138- 281.398- 1290

स्रोत- कृषि विभाग, रकबा- हेक्टयेर, उत्पादन- टन, उत्पादकता- किग्रा हेक्टेयर

Posted By: Nai Dunia News Network

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