*समीक्षा

*श्रम विभाग के प्रमुख सचिव और कोरोना प्रभारी अधिकारी सचिन सिन्हा ने कोविड की जानकारी ली

खरगोन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। श्रम विभाग के प्रमुख सचिव और जिले के कोरोना प्रभारी अधिकारी सचिन सिन्हा ने गुरुवार को नवीन कलेक्टर भवन के सभाकक्ष में कोविड-19 से जुड़े पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान सीएमएचओ डा. डीएस चौहान ने पीपीटी के माध्यम से जिले में कोरोना संबंधी जानकारियां दीं। सिन्हा ने जिले में प्रतिदिन जांच के लिए भेजे जाने वाले सैंपल की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि खरगोन जिले में फिलहाल डेल्टा प्लस का कोई भी मरीज नहीं मिला है।

प्रमुख सचिव सिन्हा ने पूछा कि खरगोन जिले में डेल्टा प्लस वैरिएंट तो प्रवेश तो नहीं किया है? उन्होंने कहा कि इन दिनों आने वाले संक्रमित लोगों में बारीकी से अवलोकन करने की ज्यादा ही जरूरत है। निरंतर ऐसे प्रकरणों की निगरानी रखें और सावधान रहें। डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर महामारी विशेषज्ञ डॉ. रेवाराम कोचले ने बताया कि अब तक खरगोन में कहीं भी डेल्टा प्लस वैरिएंट का प्रकरण नहीं आया है। प्रतिदिन भेजे जाने वाले नमूनों की जांच में इस पर नजर रहती है।

प्रमुख सचिव सिन्हा ने इन दिनों पाजिटिव आने वाले मरीजों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि जहां से संक्रमित प्रकरण आएं, उस पूरे क्षेत्र में सर्वे करते रहें। कलेक्टर अनुग्रहा ने कहा कि जहां से भी पाजिटिव प्रकरण आ रहे हैं, उसके लिए दल तुरंत उस क्षेत्र में सर्वे कार्य में लग जाता है। साथ ही अभी भी कोविड से संबधित जानकारी और अपडेशन के लिए सभी बीएमओ और एसडीएम के साथ प्रतिदिन गूगल मीट के माध्यम से जानकारी ली जाती है। किसी तरह के लक्षण मिलने पर मेडिकल किट भी दी जा रही है। बैठक में अपर कलेक्टर बीएस सोलंकी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र पंवार, संयुक्त कलेक्टर नेहा शिवहरे, डिप्टी कलेक्टर ओमनारायण सिंह, सिविल सर्जन डा. दिव्येश वर्मा और अन्य स्वास्थ विभाग के डाक्टर भी उपस्थित थे।

डेल्टा वैरिएंट के लिए जांचे 75 नमूने

डा. कोचले ने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट की जांच के लिए अब तक 75 नमूने भेजे गए हैं। इसमें किसी की भी पाजिटिव रिपोर्ट नहीं मिली है। ये 75 नमूने ऐसे व्यक्तियों के हैं, जो कोरोना का टीका लगने के बाद पाजिटिव हुए हैं या दो बार पाजिटिव हुए हैं, या जिनका लंबी अवधि तक इलाज चला है और फिर संक्रमित हुआ है। स्पेशल सर्विलांस के मामले हो सकते हैं। ऐसे नमूने पिछले 15 दिनों में लिए गए हैं। उन्हीं में से इस प्रकार सैंपलों को दिल्ली और पूणे की प्रयोगशाला भेजे जाते है। बैठक में प्रमुख सचिव सिन्हा ने कहा कि गामीण क्षेत्रों में लोग अब भी मास्क लगाना नहीं चाहते है। उनकी सुरक्षा के लिए मास्क जरूरी है। इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर हाट बाजारों में सख्ती करना जरूरी है। नहीं तो नया वैरिएंट आते ही संकट गहरा सकता है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारियों और अन्य वर्क प्लेस को टीका लगवाएं। अगर बाजार वाले क्षेत्र में टीकाकरण का सत्र लगाना संभव हो तो ऐसा भी करें।

जिला अस्पताल और कमांड सेटंर का किया अवलोकन

प्रमुख सचिव सिन्हा ने बैठक के बाद कोविड कमांड सेटर और फिर जिला अस्पताल का अवलोकन किया। कोविड कमांड सेंटर पर उन्होंने होम आइसोलेशन में रहे पाजिटिव मरीजों से वीडियो काल से बात की। इसके बाद सिन्हा जिला अस्पताल के आइसीयू में भर्ती पाजिटिव मरीज से उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना और आगामी समय की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। शहर में निरीक्षण करने के बाद प्रमुख सचिव सिन्हा कसरावद और मंडलेश्वर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सिनेशन केन्द्र का अवलोकन किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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