खरगोन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सिम कार्ड केवायसी अपडेट करने का झांसे में आकर ठगी के शिकार हुए सेवानिवृत्त शिक्षक को साइबर सेल ने करीब 69 हजार रुपये वापस बैंक खाते में डलवाने में सफलता हासिल की है। जैतापुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक जगदीश भावसार ने जिला साइबर सेल में दिए शिकायती आवेदन में बताया कि उन्हें एक जून को अज्ञात मोबाइल नंबर से सिम केवायसी एक्सपायर होने का मैसेज आया। इसके बाद कस्टमर केयर से बात करने की सूचना मैसेज के माध्यम से दी गई।

अज्ञात मोबाइल नंबर पर बात की तो बताया गया कि कंपनी के एप्लीकेशन के माध्यम से टापअप रिचार्ज करें। उन्होंने इसके बाद बैंक आफ इंडिया के एटीएम से 10 रुपये का रिचार्ज करवाया, लेकिन रिचार्ज अनसक्सेसफुल रहा। कस्टमर केयर द्वारा अन्य किसी बैंक के एटीएम से रिचार्ज की सलाह दी। स्टेट बैंक आफ इंडिया के एटीएम से पुनः रिचार्ज किया। कुछ ही देर बाद आवेदक के बैंक आफ इंडिया के खाते से 46 हजार 818 रुपये की राशि लीपकार्ड पेमेंट में चली गई। इसी प्रकार स्टेट बैंक आफ इंडिया के खातें से 23 हजार रुपये की राशि उसी अकाउंट में चली गई। इसके बाद सारे मैसेज तत्काल अपने आप डिलीट हो गए। आवेदक द्वारा फोन करने पर वह नंबर बंद आने लगा जिससे आवेदक से उस अज्ञात व्यक्ति से संपर्क नहीं कर पाया। इस पर वे तुरंत पुलिस अधीक्षक कार्यालय की जिला साइबर सेल में आकर शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया।

ठगी की राशि से की आनलाइन खरीदी

शिकायती आवेदन को गंभीरता से लेते हुए बैंक स्टेटमेंट की बारीकी से जांच करते हुए पाया कि उक्त राशि से एक ई कामर्स कंपनी के माध्यम से खरीदी की गई है। इस पर तुरंत ई कामर्स कंपनी के नोडल अधिकारी से संपर्क कर खरीदे गए सामान को ब्लाक करवाकर राशि को आवेदक के खाते में वापस कराया गया। साइबर सेल ने अपील कि किसी को भी अपना ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी मोबाइल न न दें। आनलाइन फ्राड अथवा धोखाधड़ी होने पर 1930 अथवा साइबर सेल खरगोन पर संपर्क करें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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