*कन्या कौशल शिविर में शामिल हुई बालिकाएं

खरगोन (नईदुनिया न्यूज)। गायत्री परिवार महिला मंडल ने गायत्री शक्तिपीठ में कन्या कौशल शिविर हुआ। इसमें तहसील की 150 कन्याओं की भागीदारी रही। शिविर की शुरुआत में प्रभा पाटीदार ने समूह की साधना के माध्यम से आयोजन का महत्व बताया। शिक्षिका लता चौहान ने कहा कि बेटियों के अंदर छुपे हुए कौशल को जगाकर श्रेष्ठ और उत्कृष्ट नारी का स्वरूप प्रदान करना ही शिविर का लक्ष्‌य है। अतिथियों ने कहा कि बेटियां छोटे-छोटे कार्यों के माध्यम से समाज की सेवा करें।

मुख्य वक्ता व खुशहाली सेवा संस्थान की प्रमुख डा. श्वेता चौधरी ने साफ्ट स्किल व हार्ड स्किल के बारे में बताया। उन्होंने कम्युनिकेशन स्किल, टाइम मैनेजमेंट, लिसनिंग स्किल्स और लीडरशिप स्किल के बारे में बताते हुए कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए यह अति आवश्यक है। विशेष अतिथि और जिला मजिस्ट्रेट पदमा तिवारी ने कहा कि जैसे विभिन्ना धर्मों में विशेष ग्रंथों को महत्व दिया जाता है, वैसे ही भारत का संविधान सर्वोपरि है। हम छोटे-छोटे सेवा कार्यों से भी हम समाज की सेवा कर सकते हैं। अपने को कभी हीन या छोटा नहीं समझें। लक्ष्‌य को प्राप्त करने के लिए निरंतरता बनाए रखें और अपनी योग्यता पर कभी भी घमंड नहीं करें। साथ ही माता-पिता का सम्मान जरूर करें।

युग निर्माण में भागीदारी निभाएं बेटियां

धर्म जागरण मंच की जिला संयोजिका निर्मला दसौंधी ने सनातन संस्कृति और संस्कारों के प्रति जागरूक किया। 'आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी' की जिला संयोजिका संगीता विश्नोले ने मंत्र का ज्ञान-विज्ञान बताते हुए कहा कि गायत्री मंत्र के जप से साधक को निर्णय लेने की क्षमता व सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। महिला मंडल की अलका निगोले ने परिवार में रिश्तों का महत्व बताते हुए बेटियों से आह्वान किया कि सबसे गहरा रिश्ता बेटी और मां का होता है। बेटियां हर रिश्ते को गहराई के साथ निभाती हैं, क्योंकि उनमें भाव संवेदनाओं की अधिकता होती है। साथ ही दूसरे के मन को समझने की शक्ति भी होती है। सोना कुशवाह (महेश्वर) ने बेटियों को जीवन जीने की कला और व्यावहारिक ज्ञान के बारे में बताया। मंडल की जिला संयोजिका सुनीता पाटीदार ने बेटियों को उज्जवल भविष्य के सूत्र बताते हुए युग निर्माण में भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।

आत्मनिर्माण के सूत्रों को अपनाएं बेटियां

प्राचार्य जयंती पाटीदार ने कहा कि बेटियां आत्मनिर्माण के सूत्रों को अपनाकर निश्चित ही युग निर्माण में अपनी महती भूमिका निभाएंगी। संचालन दीपिका पाटीदार ने किया। भावना पगारे, अलका निगोले, मनीषा पाटीदार व सीमा पटेल ने प्रज्ञा गीत की प्रस्तुति दी। प्रांजली पाटीदार ने बेटियां देश की 'जाग जाए अगर युग स्वयं ही बदलता चला जाएगा' गीत के माध्यम से बेटियों को संदेश दिया। रिद्धिमा मंडलोई ने बेटी होने पर गर्व अनुभव करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि बेटियों के ऊपर बहुत सारे दायित्व हैं। क्योंकि उनके अंदर विशेष शक्ति है। इसलिए अपने आप को कभी भी बेटों से कम नहीं समझें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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