करही (नईदुनिया न्यूज)। ओंकारेश्वर परियोजना के चतुर्थ चरण के अंतर्गत आने वाली माइनर नहर से किसानों को परेशानी हो रही है। ग्राम बंडेरा क्षेत्र में किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने इस संबंध में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को भी अवगत कराया है। कृषक राजेश पाटीदार ने बताया कि 45 बीघा में गेहूं की बोवनी कर रखी है। बंडेरा माइनर नहर में पाइप के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है। परंतु पाइप लाइन जगह जगह से चोक हो गई है। जिससे पानी नहीं आ रहा है। सामूहिक रूप से हम 25 दिनों से लगातार दूरभाष पर चर्चा सहित किसानों ने दो बार मौके पर बुलाकर अधिकारियों को पीड़ा बताई। परंतु अब तक भी पानी नहीं आया। कृषक रामलाल पाटीदार, महेंद्र सुखचंद, ओमप्रकाश सुखदेव, वसुदेव बालाराम, राधेश्याम रणछोड़ ने बताया कि जो माइनर नहर में जीआरपी पाइप डाले हैं वह बार बार जमींदोज होकर चिपक जाते हैं। इससे किसान परेशान है। विभाग ने भी दो स्पॉट पर लिकेज का सुधार कार्य किया है। लेकिन आगे भी कई लिकेज है। पाइप लाइन 4 से 5 मीटर गहरी होने से लिकेज ढूंढ़ना भी विभाग के लिए चुनौती बनी है।

फैक्ट फाइल

-650 करोड़ है योजना की लागत

-125 किमी है नहर की लंबाई

-54 हजार हेक्टेयर है कमांड एरिया

किसानों को पानी नहीं मिलने की समस्या सामने आई थी। दो लिकेज सुधारे भी है। कुछ और लिकेज भी है। इसलिए टीम द्वारा लिकेज ढूंढकर शीघ्र किसानों को पानी दिया जाएगा।

-सुनील व्यास, मुख्य अभियंता, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, धामनोद

Posted By: Nai Dunia News Network

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