खरगोन, नईदुनिया प्रतिनिधि। महेश्वर जल विद्युत परियोजना में भू-अर्जन प्रक्रिया के बाद प्रभावितों को मुआवजे के साथ ब्याज की राशि दी गई थी। शासन द्वारा दिए गए मुआवजे पर तो कोई टैक्स नहीं लगता, लेकिन ब्याज की राशि पर दो अलग-अलग धाराओं में टैक्स की कटौत्री की जाना थी। भू-अर्जन अधिकारी ने एक ही धारा में टैक्स काट कर राशि प्रभावितों को दे दी, जिससे कई प्रभावितों ने रिटर्न दाखिल कर जमा की गई राशि वापस ले ली। इस का खुलासा प्रधान आयकर आयुक्त शैली जिंदल ने बुधवार को किया।

उन्होंने बताया कि जिले में ऐसे दो हजार प्रभावित हैं, जिन्होंने रिर्टन दाखिल कर विभाग से 35 करोड़ रुपए की राशि वापस ले ली है। इतनी बड़ी राशि जारी होने पर विभागीय अधिकारियों ने जांच के बाद यह खुलासा किया। वे जिले के सीए व आयकरदाताओं मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बैठक भी ली।

एसडीएम व भू-अर्जन अधिकारी अभिषेक गेहलोत ने बताया कि कार्यालय से टीडीएस काट कर ही प्रभावितों को मुआवजा और ब्याज की राशि का भुगतान किया गया है, लेकिन सीए की गलती के कारण एक ही धारा के अंतर्गत मूलधन और ब्याज की राशि में टीडीएस काटा गया। कुछ प्रभावितों ने रिटर्न दाखिल कर राशि वापस निकाल ली। आयकर अधिकारियों ने बताया तो उन्होंने कहा कि ब्याज व मूलधन के लिए अलगअलग धाराओं में टीडीएस काटा जाना था।

Posted By:

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Independence Day
Independence Day