खरगोन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्‌य में गायत्री परिवार व आयुष विभाग के सयुंक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ जिला जेल में हुआ। पहले दिन सोमवार को महायोगी महर्षि अरबिंदो की अतिचेतन अवतरण की शताब्दी व आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत महर्षि अरबिंदो के जीवन पर गायत्री शक्तिपीठ के परिव्राजक रमेश ने विस्तृत प्रकाश डाला।

परिव्राजक रमेश ने कहा कि महर्षि द्वारा किए गए राजनीतिक, सामाजिक व आध्यात्मिक क्रियाकलापों व जेल में रह रहे बंदियों के नैतिक उत्थान को क्रियान्वित किया जाए, जिससे वे जेल से छूटने के बाद एक सम्मानित जीवन जी सकें। अतिथियों ने प्रारंभ में महर्षि अरविंद के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। जेल अधीक्षक जेआर मंडलोई ने योग को जीवन में प्रतिदिन करने का आव्हान कैदियों से किया। आयुर्वेद विशेषज्ञ डा. संतोष मौर्य ने बताया कि योग द्वारा समस्त रोगों का शमन किया जा सकता है।

योग प्रशिक्षक योगाचार्य सौरभ मोरे ने यौगिक क्रियाओं में सूक्ष्‌म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, प्राणायाम व ध्यान कराया। गायत्री परिवार के जिला समन्वयक योगेश पाटीदार ने आत्मबोध व तत्वबोध की साधना व योग का महत्व बताया। उपअधीक्षक लवसिंह काटिया ने संचालन व आभार प्रदर्शन माना। इस अवसर पर युवा प्रकोष्ठ के मनोज पाटीदार, योग सहायक गौरव गोस्वामी, जेल शिक्षक सुरेंद्र गाडगे, फार्मसिस्ट रूपसिंह उइके, मुख्य प्रहरी रामलाल दीपाले, प्रहरी प्रेमलाल यादव, जगदीश पाटीदार, राहुल लिरवेल आदि ने योग किया।

योग शिविर में सिखाए आसान

महेश्वर। रेवानंदा योग व वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में योग शिविर चल रहा है। योग गुरु कपिल श्रीमाली योग, आसन व प्राणायाम की बारीकियां सिखा रहे हैं। कपिल ने बताया कि यदि हर व्यक्ति केवल 25 से 30 मिनट भी यदि योग अभ्यास सुबह की खुली हवा में करे तो वह आजीवन स्वस्थ रह सकता है। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, मेरुदंड आसान, तितली आसन, कपालभाति, अनुलोम विलोम जैसे आसन व प्राणायाम कर बेहतर जीवन का अनुभव कर सकते हैं।

Posted By:

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close