भगवानपुरा-खरगोन। आदिवासी अंचल गांव देजला में निराश्रित मासूमों की मदद के लिए कई हाथ उठे हैं। खबर का असर ऐसा हुआ कि पिछले दो दिनों में कई सामाजिक संगठन, समाजसेवी और विभागीय अधिकारियों ने इस परिवार की मदद की पेशकश की है।

उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व नईदुनिया ने इस परिवार की खराब आर्थिक हालत और प्रशासन की नजरअंदाजी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गांव देजला निवासी बुजुर्ग झीनाबाई के बेटे व बहू के निधन के बाद उसके तीन बच्चों की जवाबदारी उठा रही है। आय का स्रोत नहीं होने के कारण वृद्धा भीख मांगने को विवश है। विडंबना यह कि ग्राम पंचायत ने कभी इस वृद्धा और प्रकरण को संज्ञान में नहीं लिया।

इस परिवार की मदद के लिए लोग आगे आए हैं। शुक्रवार को नक्षत्र सोशल ग्रुप के सदस्यों ने इनकी मदद की। संस्था अध्यक्ष ज्योति वर्मा ने बताया कि खबर देखने के बाद इस परिवार के प्रति मदद के लिए वे पहुंचे। उन्होंने भोजन सामग्री के साथ ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े, बर्तन व अन्य सामग्री भेंट की। इस मौके पर उनके साथ शालू इंगले, मोना डिंडोरकर, प्रशांत वर्मा, प्रफु ल्ल चौहान, बसंत अग्रवाल, सपना तिवारी आदि मौजूद थे।

परिवार का मंगवाया प्रस्ताव

इधर, महिला सशक्तीकरण विभाग ने भी इस परिवार को लेकर गंभीरता दिखाई है। सहायक संचालक मोनिका बघेल ने इस गांव में पदस्थ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को निर्देश दिए कि परिवार की पृष्ठभूमि व प्रस्ताव तैयार करे। बघेल ने बताया कि विभाग एक योजना के अंतर्गत इस परिवार को आर्थिक लाभ देने का प्रयास कर रहा है। परिवार के मुखिया व वृद्धा भिक्षावृत्ति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस परिवार की मदद की जाएगी। शुक्रवार को ही इस परिवार की मदद के लिए सनावद से कमल पटेल व नीमच जिले के रामपुरा से संजय जोधावत सहित कई समाजसेवियों ने नईदुनिया ब्यूरो को संपर्क किया।

इनका कहना है

तीन सदस्यीय दल ने परिवार से संपर्क किया है। बच्चों की शिक्षा के लिए भी वृद्धा को प्रोत्साहित किया है। प्रकरण तैयार कर विभाग द्वारा परिवार की आवश्यक मदद की जाएगी- मोनिका बघेल, सहायक संचालक, जिला महिला सशक्तिकरण, खरगोन