---जागरूकता का असर-----

-शिवडोले में आए लाखों श्रद्धालुओं ने स्वच्छता के प्रति दिखाई जागरूकता

-पिछले साल की तुलना में तीन टन कचरा कर दिया कम

सात टन निकला कचरा, प्लास्टिक सिर्फ एक टन

खरगोन। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान और शानदार श्रद्धालुओं की जागरूकता का असर यह रहा कि पिछले वर्ष की तुलना में तीन टन कचरा कम बिखरा जबकि अनुमान के मुताबिक इस वर्ष शिवडोला में लगभग 20 हजार श्रद्धालु अधिक थे। सुझावों के आधार पर इस बार श्रद्धालुओं और स्टाल संचालकों ने केला, पानी के पाउच और अधिक कचरा करने वाली सामग्री का उपयोग ही नहीं किया।

उल्लेखनीय हैपिछले वर्ष जहां 10 टन कचरा शिवडोला आयोजन के बाद सड़कों से समेटा गया था वहीं इस वर्ष घटकर सात टन कचरा एकत्रित किया गया। समन्वय और सफाईकर्मियों का यह उदाहरण शहर के लिए आदर्श बन गया। डोले में आए श्रद्धालुओं के लिए 80 से अधिक अलग-अलग व्यंजनों के सेवा स्टाल सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों द्वारा लगाए थे। इन सेवा मंचों से श्रद्धालुओं को प्लास्टिक से बने पात्र में प्रसादी वितरित नहीं की गई। सफाई के दौरान प्लास्टिक का कचरा सिर्फ एक टन ही निकला जबकि पिछले वर्षों निकलने वाले कचरे में प्लास्टिक कचरा 50 प्रतिशत से अधिक रहता था। यह बात रविवार को नगर पालिका के स्वास्थ्य शाखा प्रभारी प्रकाश चित्ते ने कही।

उन्होंने बताया कि सीएमओ निशिकांत शुक्ला के मार्गदशर्न में शिवडोले में सफाई व्यवस्था के लिए सफाईकर्मियों की टीम गठित की गई थी। इस टीम में करीब 300 कर्मचारियों को शामिल किया गया। शिवडोला मार्ग को 11 झोन में बांटा गया था। प्रत्येक झोन में डोले के गुजरने के बाद सफाई कर्मचारियों द्वारा सफाई की गई। यह सफाई कार्य रविवार रात दो बजे तक चला।

2020 स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए किया जागरूक

शिवडोला निकलने के पूर्व ही नपा की स्वास्थ्य शाखा और काउंसलिंग टीम ने लगातार सेवा स्टाल लगाने वाले सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से संपर्क किया। सभी को प्रसादी वितरण के लिए प्लास्टिक से बने पात्रों का उपयोग नहीं करने की सलाह दी। उन्हें स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के लिए जागरूक किया। नपा की इस पहल का सभी सेवा मंचों ने स्वागत करते हुए प्लास्टिक से बने पात्रों का उपयोग बहुत ही कम किया जिससे शिवडोले में निकलने वाले कचरे में भी कमी आई है। इधर विद्युत वितरण कंपनी व अन्य विभाग भी लगातार व्यवस्था में जुटे रहे।

कलेक्टर, एसपी ने किया रतजगा

17 घंटे तक प्रजा का हाल जानने के बाद भगवान सिद्धनाथ की पालकी रविवार रात करीब पौने तीन बजे पुनः मंदिर पहुंची। यहां परंपरागत होने वाली आरती में कलेक्टर गोपालचंद्र डाड, पुलिस अधीक्षक सुनील कु मार पांडेय, समिति अध्यक्ष नवनीतलाल भंडारी, मंदिर संस्थापक परिवार के गुलाबचंद भावसार, पुजारी हरीश गोस्वामी आदि शामिल हुए। आयोजन के बाद समिति अध्यक्ष भंडारी ने प्रशासन व सामाजिक संगठनों का आभार माना। शिवडोले को लेकर कलेक्टर डाड और एसपी पांडेय सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों ने रतजगा किया।

* शिवडोला प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है। इस वर्ष भी आयोजन ने इतिहास रचा है। शामिल श्रद्धालुओं ने शहर और आयोजन की गरिमा का पूरा ध्यान रखा।-गोपालचंद्र डाड, कलेक्टर, खरगोन

* शिवडोला में शामिल श्रद्धालुओं और आयोजनकर्ताओं का समन्वय पूरे समय बना रहा। पुलिस प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था में कर्मचारियों ने इस आयोजन को बेहतर बनाने में प्रयास सफल रहा।-सुनील कु मार पांडेय, एसपी, खरगोन

* 18के जीएन-51- खरगोन में शिवडोला आयोजन के साथ-साथ नपा सफाईकर्मियों ने देर रात तक पूरे शहर को साफ-सुथरा कर दिया। बस स्टैंड क्षेत्र में सफाई देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि कु छ समय पहले तक यहां दो लाख श्रद्धालु सेवा स्टालों पर पहुंचे।

* 18के जीएन-52- खरगोन में सिद्धनाथ मंदिर पहुंचने पर महाआरती में शामिल कलेक्टर गोपालचंद्र डाड, एसपी सुनील कु मार पांडेय।