बड़वाह। गणेश पर्व के अंतिम दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमाओं का श्रद्धा पूर्वक विसर्जन किया। ढोल-ढमाकों से भगवान की प्रतिमा का आरती पूजन कर कृत्रिम जलाशय में छोड़ा गया। खेड़ीघाट पंचायत ने नर्मदा तट पर दो कुंड बनाए थे। जिनमें छोटी व मध्यम आकार की लगभग एक हजार से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। नर्मदा नदी में प्रतिमा विसर्जन नहीं करने पर पर्यावरण प्रेमियों ने गणेश भक्तों का आभार माना।

कुंड में किया मूर्तियों का विसर्जन

महेश्वर। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी गणेश मूर्तियों का विसर्जन नगर परिषद द्वारा बनाए गए कुंड में किया गया। एसडीएम ओमनारायणसिंह बड़कुल, तहसीलदार विवेक सोनकर व थाना प्रभारी पुष्पकरण मुवेल ने कंट्रोल रूम पर आयोजित बैठक में यह तय किया गया था कि मूर्ति विसर्जन पेशवा घाट पर बनाए गए कुंड में किया जाएगा। इसके लिए परिषद ने कुंड बनाया था।

बप्पा को दी विदाई

बिस्टान। अनंत चतुर्दशी पर श्रद्धालुओं ने पूजन कर सुख समृद्धि की मनोकामना की। कलाई पर अनंत बांधकर आशीर्वाद प्राप्त किया। दोपहर में भगवान गणेश का पूजन आरती कर गणपति बप्पा को विदाई दी। इंद्रावती नदी में पानी नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए नन्हेश्वर महादेव कुंदा नदी पर जाना पड़ा।

छप्पन भोग लगाया

ऊन। दो तिथियों के एक दिन होने से इस वर्ष एक दिन पूर्व ही गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। ग्राम के सोनी मोहल्ला स्थित प्राचीन लक्ष्‌मीनारायण स्थित गणेश प्रतिमा को बाल गणेश मंडल ने छप्पन भोग लगाया। गजेंद्र कानूनगो, चंद्रशेखर वर्मा, धर्मेंद्र पंडित, गौतम सोनी आदि उपस्थित थे।

आरती कर प्रसाद वितरण किया

बोरावां। गणपति बप्पा को नम आंखों से बिदाई दी गई। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की आरती कर, प्रसाद वितरण कर वेदा व कुंदा नदी में विसर्जन किया गया।

तीन स्थायी झांकी बनाई गई

बड़वाह। सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति के तत्वावधान में शनिवार को संजय महाजन के नटेश्वर नृत्य संस्थान के कलाकारों की मंडली ने आकर्षक प्रस्तुतियां दी। नृत्य व नृत्य पर आधारित एकल व समूह नृत्यों में स्थानीय कलाकारों ने भाग लिया। आयोजन समिति की ओर से अध्यक्ष विजय सोनी ने नृत्यकार सजंय महाजन का सम्मान कर उन्हें मां नर्मदा का चित्र भेंट किया। संचालन डा. परेश विजयवर्गीय ने किया। नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह तोमर भी शामिल हुए। रविवार को विसर्जन के अवसर पर निकलने वाले चल समारोह का स्वरूप परिवर्तन कर इस वर्ष स्थायी झांकियों का निर्माण किया गया। रविवार को स्टेशन रोड पर तीन झांकियां बनाई गई। पौराणिक प्रसंगों पर आधारित तीनों झांकियों में आकर्षक विद्युत सज्जा की गई। बस स्टैंड के पास समिति ने मंच से नागरिकों का स्वागत किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local