खरगोन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गोगावां की वेदा नदी में दुर्लभ मछली मिली है। यह मछली अधिकांश दक्षिण भारत की नदियों में पाई जाती है। करीब एक सप्ताह पहले गोगावां के छन्ना वर्मा को यह मछली दिखाई दी। उन्होंने इस मछली को निकालकर अपने घर की टंकी में रखा है।

इधर, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राणी शास्त्री डॉ. रवींद्र रावल के अनुसार इस मछली का वैज्ञानिक नाम हायपोसटोमस फेकोस्टोमस है। यह लारीकेरीडी परिवार की सदस्य है। इसका मुख नीचे की ओर से चूसक युक्त होता है जो इसे चिपकने में मदद करता है। इसे चूसक मुख वाली कैट फिश भी कहा जाता है।

यह दक्षिण भारत की नदियों में पाई जाती है। इसकी लंबाई 20 इंच तक होती है। सिर कठोर कवच से ढंका रहता है। इसके पंखों में कांटे पाए जाते हैं। जलीय मृत पौधे, शैवाल, मृत मछलियां आदि खाकर यह जीवित रहती है।

यह मछली जीवित मछलियों को नहीं खाती है। इन्हें प्राकृतिक स्केवेंजर भी कहा जाता है। यह जहरीली नहीं होती है। इसका भोजन में अधिक महत्व नहीं है। इसे सजावटी मछली के रूप में एक्वेरियम में पाला जाता है।

Posted By:

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Ram Mandir Bhumi Pujan
Ram Mandir Bhumi Pujan