बड़वाह (खरगोन)। नईदुनिया न्यूज। Madhya Pradesh News पिता की याद में एक बेटे ने उत्तर कार्य (पगड़ी) रस्‍म में सामाजिक सरोकार निभाते हुए प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। परिजन को बर्तन वितरित किए जाने की परंपरा है, लेकिन इस परंपरा को समाप्त कर पौधे वितरित किए गए।

परंपराओं से हटकर समाज को सकारात्मक कार्य करने का संदेश

पिछले दिनों नगर के गणगौर घाट निवासी सेवानिवृत्त प्राचार्य भालचंद गंगसार का निधन हो गया था। मंगलवार को पगड़ी रस्म में बेटे विश्वनाथ गंगसार ने करीब तीन सौ पौधों का परिजन को वितरण किया। वहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रकृति व पर्यावरण के प्रति प्रेम के इस उदाहरण ने जनसमान्य को परंपराओं से हटकर समाज को सकारात्मक कार्य करने का संदेश दिया है।

पिता की पौधारोपण व प्रकृति की रक्षा करने में गहरी रुचि थी

गंगसार ने बताया कि उनके पिता की पौधारोपण व प्रकृति की रक्षा करने में गहरी रुचि थी। वे उनके सेवाकाल में हमेशा पौधारोपण को महत्व देते रहे। इसके साथ ही परिवारिक जीवन में हमें इस बात के लिए प्रेरित करते रहे कि प्रकृति की रक्षा के लिए सतत कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर पौधा ले रहे जितेंद्र दसौंधी, राजेंद्र दसौंधी ने बताया कि उत्तर कार्य में बर्तनों के स्थान पर पौधे वितरित किए जाने का यह कार्य हमारे लिए प्रेरणा का विषय है।

वहीं श्‍याम सागर, ज्योति दसौंधी भी इस बात से सहमत हैं कि परंपराओं में प्रासंगिक परिवर्तन किया जाना आवश्यक है। इस दिशा में यह प्रयास सराहानीय है। परिजन को नीम, आम, बिल्वपत्र, सीताफल, आंवला सहित अन्य पौधे दिए गए।

Posted By: Hemant Upadhyay