महेश्वर (नईदुनिया न्यूज)। इस नगरी का पर्यटन के लिहाज से ऐसे विकास होना चाहिए कि यहां आने वाले पर्यटकों को अच्छा अनुभव हो। चलने के पाथ वे होना चाहिए। साफ-सफाई होना चाहिए। इस नगर की बहुत पहचान है। लोगों को यह नगर पसंद आता है। यह बात कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने नर्मदा रिट्रीट के सभागार में पर्यटन के लिहाज से नगर के स्टाक होल्डरों से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने पर्यटन विभाग के अधिकारियों से कहा कि घाटों को इस तरह सजाना है कि ये अयोध्या और बनारस के घाट जैसे दिखने चाहिए।

कलेक्टर ने कहा कि नर्मदा घाट, महेश्वरी साड़ी व इसकी ऐतिहासिकता का बहुत महत्व है। शहर का स्वरूप भी बड़ा नहीं है। इसलिए इसकी कस्बाई पहचान, इसकी सांस्कृतिकता व मूल पहचान न खो जाए ऐसा विकास होना चाहिए। संसाधन की कोई कमी नहीं है, पर काम समय पर होना चाहिए। काम लोगों के हित में होना चाहिए। ऐसी गतिविधि नहीं हो, जिससे रोजगार प्रभावित हो। बैठक में उपस्थित नगरवासियों से कहा कि 15 दिन में प्लान तैयार किया जाएगा। यह प्लान नगर के विकास के लिए लैंड मार्क साबित होगा।

झूला पुल निर्माण के लिए बनेगा प्रस्ताव

पर्यटन विभाग के कार्यपालन यंत्री डीएस परिहार द्वारा बैठक में बताए गए प्लान को देखने के लिए कलेक्टर स्वयं घाट पर पहुंचे। बाजार चौक में खाली पड़ी जमीन पर पर्यटन विभाग द्वारा इन्फारमेंशन सेंटर बनाने की बात कही। इसके पश्चात मुख्य घाट पर पहुंचे, जहां पर्यटकों की सुविधा के लिए बनने वाले सुविधा केंद्र के स्थान का जायजा लिया। अहिल्या घाट पर भी पर्यटन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान सिंहस्थ के दौरान लगी लाइटिंग और लाइट एंड सांउड शो का भी जिक्र किया। इसके पश्चात पेशवा घाट पहुंचे, जहां पार्किंग स्थल के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर से पेशवा घाट तक के पाथ वे का निरीक्षण किया। वहीं कालेश्वर-ज्वालेश्वर मंदिर पर झूला पुल निर्माण के प्रस्ताव के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके पश्चात वे नगर में प्रारंभ होने वाली सीएम राइज स्कूल गए। वहां प्राचार्य आलोक श्रीवास्तव से जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात जलकोटि मार्ग पर रेशम विभाग की जमीन का अवलोकन करने गए।

छह महीने में साडा दिखेगा जागृत

कलेक्टर ने कहा कि यहां विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) गठित है, लेकिन अभी एक्टिव नहीं है। छह महीने में साडा जागृत दिखेगा। एसडीएम दिव्या पटेल से कलेक्टर ने कहा कि आप साडा की सीईओ हैं। साडा के पास व्यावसायिक प्लान बनाने का अधिकार है। साडा को सरकार के बजट की आवश्यकता नहीं होती है। यहीं पैसा जनरेट होगा। नगर हित में सुझाव के दौरान अजीज अंसारी ने बताया कि महेश्वरी साड़ी उद्योग के लिए सरकार की ओर से कोई बड़ा प्रोजेक्ट आना चाहिए। सत्यदेव बंदुके ने कहा कि यहां आने वाले पर्यटक को नगर का सही इतिहास मालूम पड़े, ऐसी सुविधा होनी चाहिए। होटल संघ की ओर से अखिलेश केश्वरे ने 16 सुझावों का एक पत्र कलेक्टर को दिया। विपुल अम्बेकर ने बुनकर कालोनी को लेकर अपनी बात रखी। नाविक कृष्णलाल केवट ने काशी विश्वनाथ के सामने जर्जर हो रहे दरवाजे पर ध्यान आकर्षित करवाया। गाइड संतोष राठौड़ ने पर्यटकों की समस्याओं को लेकर एक पत्र कलेक्टर को प्रेषित किया। कपिल श्रीमाली ने धरोहरों पर उग रहे पेड़-पौधे, साइन बोर्ड व घाटों पर कचरे को लेकर अपनी बात कही।

जमीन लेकर जमींदार नहीं होना है

बैठक में कलेक्टर की तल्ख मिजाजी भी साफ नजर आई। नगर परिषद सीएमओ मनोज शर्मा से पूछा- कितने सफाई कर्मचारी हैं? यहां की सफाई व्यवस्था काफी खराब है। वहीं एसडीओपी मनोहरसिंह गवली को यातायात व्यवस्था बहाल हो, ऐसा प्लान बनाने की निर्देश दिए। बुनकर कालोनी की बात निकलने पर कलेक्टर ने हाथकरघा विभाग के सराफ से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि छह हेक्टर जमीन 2017 में आवंटित की गई थी। इस पर 300 से ज्यादा एलआइजी टाइप के बुनकरों के आवास वर्क शेड आदि का निर्माण 50 करोड़ की लागत से होना था, लेकिन अभी वरिष्ठ कार्यालय से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस पर कलेक्टर ने नाराज होकर कहा कि जब योजना सेक्शन नहीं हुई तो जमीन क्यों ली। इसी प्रकार रेशम विभाग के सहायक संचालक एके पटेल ने कहा कि वे रेशम का निर्माण करते हैं लेकिन महेश्वरी साड़ी में इसका पर्याप्त उपयोग नहीं किया जाता है। इस पर स्थानीय बुनकर ओमप्रकाश मुकाती, बसंत श्रवणेकर, अनिल खरे आदि ने कहा कि विभाग के रेशम की अच्छी क्वालिटी नहीं होती है इसलिए अन्य स्थानों से खरीदी करनी पड़ती है। कलेक्टर ने पूछा- कितनी जमीन पर यहां कार्य हो रहा है। जमीन लेकर जमींदार नहीं होना है, काम करो। संतोषप्रद जवाब नहीं होने पर कलेक्टर स्वयं ने चलकर जमीन के निरीक्षण की बात कही। जलकोटि मार्ग पर निरीक्षण के दौरान भी कलेक्टर नाखुश दिखाई दिए। वहीं विभाग को जल्द ही कोई प्लान स्वीकृत करवाने के निर्देश दिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close