*भाड़ली में अटके पीएम आवास, सफाई का अभाव

*नपा क्षेत्र में सबसे अधिक राशि के कार्य इसी वार्ड में

वार्ड-01

शहर के कसरावद रोड सुखपुरी क्षेत्र यानि शहर का प्रवेश द्वार वार्ड-1 यहीं से शुरू होता है। इस वार्ड में करीब 10 कालोनियां शामिल हैं। करीब तीन हजार मतदाता हैं। तीन बूथ वाला यह वार्ड यूं तो मेलडेरेश्वर महादेव मंदिर व स्नेह वाटिका होने से रमणीक स्थल माना जा सकता है, लेकिन इस वार्ड में शामिल कालोनी, बस्तियों में पर्याप्त सुविधाएं आज भी नहीं हैं। वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद भाडली पंचायत का कुछ हिस्सा नगरपालिका में शामिल हुआ। रिकार्ड के हिसाब से नपा क्षेत्र के 33 वार्डों में से वार्ड क्रमांक एक में ही सबसे अधिक राशि के कार्य हुए हैं। इसके बावजूद बस्ती क्षेत्र में अब भी मूलभूत सुविधाओं की दरकार है।

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खरगोन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नगरीय सीमा का परिसीमन कर नए क्षेत्रों को जोड़ने को उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों का विकास करना और वहां भी शहर के विकसित क्षेत्रों के समान सुविधाएं जुटाना होता है, लेकिन 10 साल पहले परिसीमन में जुड़ा वार्ड क्रमांक एक के कुछ हिस्से आज भी अपने हिस्से के विकास की राह तक रहे हैं। सुंदरीकरण और अत्याधुनिक सुविधाएं तो बहुत दूर की कौड़ी है, इस वार्ड में मूलभूत सुविधाओं का ही इंतजार खत्म नहीं हो रहा है।

नईदुनिया-आपके द्वार अभियान के तहत जब वार्ड-1 में शामिल सुखपुरी, दामखेड़ा कालोनी, बीके नगर, औद्योगिक क्षेत्र भाडली, सूरज नगर, जमशेद नगर, सेंट्रल जेल, कामगार कालोनी, एमपीईबी ग्रिड, पीएम आवास मल्टी का प्रतिनिधि ने जब भ्रमण किया तो यहां के नागरिकों का आक्रोश देखने को मिला। मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे भाडली में क्षेत्रवासियों ने आगामी नगर निकाय निर्वाचन में एकमत होकर मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी है। अधिकांश गरीब बस्तियों के बाशिंदे अदद सड़क, शुद्ध पेयजल, सफाई आदि के लिए तरसते दिखाई दिए।

बीके नगर, सूरज नगर, जमशेद नगर में है पेयजल समस्या

वार्ड-1 के बीके नगर, सूरज नगर, जमशेद नगर आदि में केवल गर्मी ही नहीं वर्षभर पेयजल समस्या बनी रहती है। यहां न तो नपा की पेयजल लाइन पहुंची है, न ही कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था या साधन जुटाया गया है। वहीं विकास कार्यों की बात की जाए तो इसी वार्ड में 400 करोड़ से अधिक की लागत से पीएम आवास के तहत मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बने हैं। उद्यान का 100 करोड़ रुपये से अधिक का विकास हुआ है।

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ये पब्लिक है...

भाड़ली क्षेत्र में वर्षो से निवासरत होने के बाद भी न तो पंचायत ने पट्टे दिए, न ही 10 साल से नगरपालिका ने उन्हें जमीनों पर कब्जा दिया। नतीजतन उन्हें शौचालय, पीएम आवास जैसी जनहितैषी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।

-हीरालाल माले

क्षेत्र में 300 से अधिक परिवार निवासरत हैं। यहां न पंचायत के समय कुछ काम हुए और अब नगर पालिका में आने के बाद भी कोई काम नहीं हुआ। नालियां टूटकर जर्जर हो चुकी हैं। घर-आंगन में गंदा पानी जमा होता है।

- पारू बाई

पीएम आवास निर्माण के लिए एक लाख रुपये की किस्त मिलने के बाद कच्चे मकान को तोड़कर निर्माण शुरू किया। अब नोटिस जारी कर राशि लौटाने को कह रहे हैं। जो मकान था, वह भी तोड़ दिया, रहने को जगह भी नहीं।

-मोतीलाल रूपसिंग

कच्चे मकान में वर्षों से रह रहे हैं। पीएम आवास स्वीकृति के बाद पक्के मकान की उम्मीद बंधी थी। एक लाख रुपये की किस्त भी आई लेकिन बाद में नोटिस जारी कर कहा कि राशि लौटाएं, आप लोग अतिक्रामक हैं।

-सेवंती माले

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नेता बोले-

क्षेत्र में सड़क, नाली, पानी, साफ-सफाई की समस्या हर तरफ है। इसमें मुख्य रूप से शासकीय मिडिल स्कूल उन्नायन की मांग लंबे अरसे से की जा रही है। पेयजल, शिक्षित युवाओं को रोजगार, सूरज नगर में खुली शासकीय शराब दुकान क्षेत्र की समस्या बनी हुई है।

-शाहरुख मिर्जा, युवक कांग्रेस जिला प्रवक्ता

हमारे वार्ड में सबसे अधिक काम हुए हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 484 करोड़ की लागत से सैकड़ों हितग्राहियों के लिए आवासीय मल्टी बनी है। 116 करोड़ की लागत से स्नेह वाटिका को पं. दीनदयाल उपवन के नाम से विकसित किया है, जो शहर का एकमात्र उद्यान है। सुखपुरी से दामखेड़ा कालोनी तक डामरीकृत मार्ग, विभिन्ना सीमेंटकृत मार्ग, नालियों आदि का निर्माण करवाया गया है।

-दीपक चौरे, पूर्व पार्षद

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अधिकारी बोले

वार्ड क्रमांक एक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मल्टी, स्नेह वाटिका का विकास कार्य आदि करोड़ों रुपये के कार्य हुए हैं। वहीं शहर में जल आवर्धन योजना पर कार्य जारी है। यदि कोई क्षेत्र छूट रहा है तो उचित निराकरण किया जाएगा।

-प्रियंका पटेल, सीएमओ खरगोन

Posted By: Nai Dunia News Network

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