खरगोन। मानसून की बेरुखी चाहे बनी हो। शहरवासी बारिश का इंतजार हर पल कर रहे हैं परंतु कुंदा बैराज इस बेरुखी को चुनौती दे रहा है। शहरवासियों की प्यास बुझाने वाले इस बैराज पर पानी की चौथी खेप ने दस्तक दी। इस दस्तक के साथ ही आगामी लगभग 20 जुलाई तक के लिए पेयजल व्यवस्था सुचारु हो सकेगी। इसी के साथ शहवासियों ने पेयजल को लेकर राहत की सांस ली।

पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने और प्राकृतिक जलस्रोत में जलस्तर घटने को लेकर शहवासियों को चिंता सताने लगी थी। उल्लेखनीय है कि ग्रीष्मकाल में शहर की पेयजल व्यवस्था के लिए भगवानपुरा क्षेत्र में स्थित देजला-देवाड़ा बांध एकमात्र जलस्रोत है जहां से शहर की पेयजल व्यवस्था निर्भर रहती है। नपा प्रशासन इसके पूर्व भी तीन बार बांध से आरक्षित पानी छुड़वा चुका है। बुधवार की शाम तक संतोषी माता वाटर वर्क्स कुंदा बैराज तक पानी पहुंच गया। इस पानी की व्यवस्था के लिए नपा प्रशासन पिछले पांच दिनों से जल संसाधन विभाग के संपर्क में था।

नपा प्रशासन के अनुसार प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था के लिए इस वर्ष भी देजला-देवाड़ा बांध के संग्रहीत पानी से 6.5 एमसीएम पानी आरक्षित करवाया था। इस आरक्षित पानी से अब तक चार बार पानी अलग-अलग मात्रा में छुड़वा चुके हैं। पहली बार जहां एक एमसीएम पानी छुड़वाया गया लगातार तीन बार 0.5 एमसीएम पानी छुड़वाया गया। नपा प्रशासन के अनुसार अभी भी आरक्षित पानी के रूप में 4 एमसीएम पानी रिजर्व है। अनुमान है कि इस पखवाड़े में मानसून निमाड़ में मेहरबान हो जाएगा। साथ ही कुंदा में प्रवाह को भी गति मिल जाएगी।

पेयजल व्यवस्था एक नजर में

-2 लाख घन मीटर बैराज की क्षमता

-9 पेयजल टंकियां शहर में

-14 गैलन पानी की है भराव क्षमता

-22.5 गैलन पानी प्रतिदिन होता है प्रदाय

-15 हजार नल कनेक्शन शहर में

-1 दिन के अंतराल में होता है जलप्रदाय

* पेयजल व्यवस्था सुचारु बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। परिस्थितियों से निपटने के लिए निकाय के संबंधित विभाग को पूरी तरह एलर्ट किया है। आरक्षित पानी पर्याप्त है। -निशिकांत शुक्ला, सीएमओ, नगर पालिका, खरगोन