बामंदी (नईदुनिया न्यूज)। मलेरिया निरोधक माह के तहत सोमवार को उप स्वास्थ्य केंद्र पर मलेरिया जागरूकता रथ पहुंचा। मलेरिया अधिकारी धारावती चौहान ने रथ को क्षेत्र के 12 गांवों में भ्रमण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जनसमुदाय को जागरूक करने के उद्देश्य से एएनएम निर्मला धुर्वे ने कहा कि मलेरिया एक संचारी रोग है, जो मादा एनाफिलीज मच्छर से फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए इसके बारे में जानकारी होना आवश्यक है। तभी मलेरिया और बैक्टीरिया जनित बीमारियों को नियंत्रित करना संभव होगा।

सीएचओ सतीश विरले ने बताया कि जिले में मलेरिया माह मनाया जा रहा है। इसमें सभी के सहयोग की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार के बुखार में तत्काल रक्त पट्टी बनवाएं और ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास किट से जांच करवाएं। साथ ही मलेरिया होने पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर उपचार कराएं। उन्होंने बताया कि किसी भी बीमारी के फैलने के पूर्व उसकी रोकथाम के लिए प्रयास नितांत आवश्यक है। ताकि बीमारी की रोकथाम की जा सके। सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार, सरदर्द, पसीना आकर बुखार उतरना, थकावट व कमजोरी इसके प्रारंभिक लक्षण है। मच्छर के लार्वा को पनपने ना दें। इसके लिए छत पर रखी खुली टंकियों को ढंककर रखें। टूटे-फूटे बर्तन, मटके, गमलों में पानी इकट्ठा न होने दें। कही भी अगर पानी रुका है तो जले हुए आइल या मिट्टी का तेल डालें। कूलर का पानी हर सप्ताह बदलें। सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें। मलेरिया इंस्पेक्टर मुकेश पवार ने बताया कि पूरी टीम सहित बामंदी गांव के 30 घरों में जाकर लार्वा सर्वे किया गया। इस दौरान कार्यकर्ता रमू पटेल, दुर्गा पटेल, मकसूदा खान आदि मौजूद थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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