ऊन (नईदुनिया न्यूज)। समीपस्थ ग्राम रायबिड़पुरा स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर को 12वां अनुपूरक ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार यह डेरा गांव के बाहरी हिस्से में होने से एक निर्जन स्थान हुआ करता था। जंगली जानवरों का भय बना रहता था। तब ग्रामीण इकट्ठा होकर सप्ताह में एक बार पूजन करने यहां पहुंचते थे।

सन 1970 के दशको में यहा मुंशी बाबा नामक संत आए, जिन्होंने मंदिर की देखभाल की। एक बार ग्रामीणों द्वारा 10 फीट नीचे गर्भगृह में स्थित शिवलिंग को नया रूप देने के लिए आसपास खोदाई भी की थी। परंतु सात से आठ फीट खुदाई करने के बावजूद इस शिवलिंग और सालंका से जुड़ा पत्थर का अंत नहीं मिलने से इसी रूप में इसे पूजा जाता आ रहा है। श्रावण माह में मंदिर में विशेष अनुष्ठान हो रहे हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष उमाशंकर ठोमरिया, अमित पीपलदिया व प्रकाश मंडलोई ने बताया कि सात से 11 अगस्त तक मंदिर पर पांच दिवसीय पार्थिव शिवलिंग निर्माण महोत्सव मनाया जाएगा। इसके चलते प्रतिदिन 31 हजार मिट्टी के शिवलिंगों का निर्माण करने का लक्ष्‌य है। सवा लाख शिवलिंग निर्माण कर पंडित श्यामदासजी महाराज के सान्निाध्य में पं. सुधांशु शर्मा द्वारा विधि विधानो से पूजन कराया जाएगा।

शिवडोले में शिवमय होकर झूमे वनांचलवासी

भगवानपुरा। वनांचल के ग्राम सिरवेल में शुक्रवार को निकले शिवडोले में क्षेत्रवासी शिवमय हुए। डीजे के भक्ति गीतों पर खूब झूमे। शिवडोला सुबह शिव मंदिर से शुरू हुआ जो प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित बग्गी पर नगर के अधिष्ठाता का शिवभक्तों ने दर्शन लाभ लेकर सुख समृद्धि की कामना की। 10 से अधिक सेवा मंच लगाए गए थे। भोले बाबा, राम लखन जानकी, महाकाली-भोलेनाथ, राधा-कृष्ण, शिवाजी महाराज की जीवंत झांकी निकाली गई।

नागरिकों का किया स्वास्थ्य परीक्षण

ऊन। स्तनपान सप्ताह क अंतर्गत ग्राम सतावड स्थित आयुर्वेद औषधाल में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हुआ। डा. सुलोचना पंवार ने बताया कि शिविर में लगभग 100 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। महिलाओं को गर्भावस्था में देख रेख के साथ स्तनपान के फायदे के बारे में बताया गया। डा. भावना यादव व डा. धीरेंद्र पंवार ने वर्षा ऋतु में फैलने वाली बीमारियों के बचाव व इलाज की सलाह दी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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