*वार्ड क्रमांक पांच व छह के नागरिकों ने सुनाई व्यथा

*जिम्मेदारों की भूमिका पर उठाए सवाल

वार्ड क्रमांक 05 व 06

जिला मुख्यालय का वार्ड क्रमांक पांच की पहचान जिला अस्पताल व नई विकसित कालोनियों के लिए है। हालांकि इनमें कई कालोनियां अवैध हैं। वहीं शहर के वार्ड क्रमांक छह को जैतापुर स्थित ऋण मुक्तेश्वर मंदिर से पहचाना जाता है। वार्ड क्रमांक पांच में जहां बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान, जिला अस्पताल सहित निजी अस्पताल व पाश कालोनियां आती हैं। वहीं वार्ड क्रमांक छह में अधिकतर अविकसित कालोनियां व झुग्गी क्षेत्र भी शामिल हैं। दोनों ही वार्डों में जलावर्धन व सीवरेज प्रोजेक्ट के चलते हुए खोदाई कार्य से सड़कों की हालत खराब हुई है। वहीं पेयजल, प्रकाश व्यवस्था आदि को लेकर भी समस्याएं हैं। इन वार्डों से संबंधित क्षेत्र आवासीय व व्यावसायिक रूप से शहर के सबसे तेजी से विकसित हुए क्षेत्रों में शुमार है।

खरगोन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नगरपालिका परिषद के गत कार्यकाल में शहर में करोड़ों रुपये के विकास कार्य किए गए, हर वार्ड को विकसित, साफ-स्वच्छ करने के दावे भी किए गए लेकिन बेतरतीब व अवैध चिंहित कालोनियों, बस्तियों में हुए कामों के चलते कई कालोनी, मोहल्ले इन विकास कार्यों से वंचित हैं। हालात यह है कि बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए नागरिकों को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। नईदुनिया की टीम सोमवार को वार्ड क्रमांक पांच और वार्ड छह में पहुंची। वार्ड पांच में रामकृष्ण कालोनी, चमेली बाड़ी का कुछ हिस्सा, न्यू चमेली बाड़ी, विवेकानंद कालोनी, गंगा नगर, सुरती नगर जैसी कालोनियां शामिल हैं। सनावद रोड़ पर बसी इन कालोनियों में ज्यादातर इलाके पॉश माने जाते है। यह क्षेत्र में जिला अस्पताल, निजी नर्सिग होम, निजी अस्पतालों के साथ ही पैथालाजी, मेडिकल दुकानों से पटा हुआ है। मुख्य मार्ग पर भाजपा कार्यालय होने से राजनीति क्षेत्र भी माना जाता है क्योंकि आए दिन बड़े नेता कार्यालय पर पहुंचते हैं। इन कालोनियों में अधिकतर नौकरीपेशा और व्यवसायी लोग रहते हैं, बावजूद इनकी समस्याएं भी किसी पिछडे इलाकों से कम नहीं है। इन वार्डों में भी रहवासी पेयजल समस्या, नाली साफ-सफाई, जर्जर सड़कों, ड्रेनेज की समस्याओं से त्रस्त हैं।

सनावद रोड पर वार्ड क्रमांक छह करीब आठ दर्जन कालोनियों से घिरा है। इस वार्ड में कमला नगर, नागेश्वर कालोनी, द्वारकाधाम, साकेत नगर सहित जेतापुर का कुछ हिस्सा शामिल है। वैध-अवैध के फेर में रहवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। साकेत नगर में बिजली तो पहुंची है लेकिन नाली, सड़क का इंतजार अब भी बना है। नागरिकों को कहना है कि पेयजल प्रदाय भी हो रहा है लेकिन यहां पहुंचने वाला पानी न तो पीने योग्य है न ही दाल पकाने के काम में आ रहा।

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ये पब्लिक है...

सरस्वती नगर कालोनी में सड़क, साफ-सफाई प्रमुख समस्या है। यहां सीवरेज और जल आवर्धन योजना के तहत करीब चार साल से सड़कों की खोदाई की गई, इसे अब तक दुरुस्त नहीं किया। इतना ही नहीं कालोनी के विकास कार्यों में भेदभाव भी किया जा रहा है। सरस्वती नगर के प्रवेश द्वार पर महज 10 मकानों तक डामर रोड बना दी जबकि कालोनी के अंदर की सड़क पर पैचवर्क तक नहीं किया जा रहा।

-शुभम जायसवाल

कालोनी में नपा द्वारा प्रदाय किया जा रहा पानी बेहद गंदा और बदबूदार है। न तो समय पर पेयजल प्रदाय होता है और न ही शिकायत के बाद पानी की गंदगी की समस्या दूर हुई। पेयजल के इंतजार में दिनभर के काम बाधित होते हैं। दबाव कम होने से अपर्याप्त पेयजल आता है। स्वयं की राशि खर्च कर निजी टैंकरों से पानी बुलवाना मजबूरी है। -रेखा नारमदेव

साकेत नगर में जो पानी प्रदाय किया जा रहा है, उसमें अधिक छार होने से न तो पीने योग्य है, न ही इससे दाल पकती है। यहां तक की दूध भी फट जाता है। विवश होकर आरओ या निजी स्तर से पानी खरीदकर पीने का पानी जुटाया जा रहा है। -कमला आरतिया

पिछले 20 सालों से चुनाव के दौरान पार्षद, सांसद, विधायक क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दे रहे हैं लेकिन वार्ड विकास से कोसों दूर है। यहां न तो नाली बनी, न ही सड़क, पीने के पानी का पानी भी खरीदकर पी रहे हैं। - विशाल विश्वकर्मा

ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कालोनी में अधिकतर लोग नौकरी पेशा हैं। यह कालोनी शासकिय मापदंडों के आधार पर बनी है, बावजूद इसके न तो यहां पक्की सड़कें हैं और न ही व्यवस्थित ड्रेनेज है। पिछले तीन साल से ड्रेनेज रहवासियों की समस्या बना हुआ है। ड्रेनेज का पानी सड़कों पर बहता है। बच्चे घर के आंगन में खेल नहीं पाते, बगीचा भी उजाड पड़ा है। -रानू शर्मा

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नेता बोले...

वार्ड क्षेत्र में जहां भी बिजली नहीं थी, वहां के लिए 40 पोल लगवाए। पूरे वार्ड में ड्रेनेज का कार्य किया, सभी बड़े नालों का पक्का निर्माण करवाया, विभिन्ना कालोनियों में सीसी रोड़ बनाए, चार कालोनियों में पेयजल की पाइप लाइन डाली, तीन कालोनियों के बगीचे विकसित कर सुंदरीकरण किया गया है।

-कन्हैया कोठाने, पूर्व पार्षद

वार्ड क्रमांक पांच

विद्युत व्यवस्था के लिए वार्ड में 115 पोल लगाए, पेयजल के लिए पांच बोरिंग करवाए गए, कमला नगर की प्रत्येक गली में सीसी रोड बनाए हैं। पेयजल की छोटी लाइन की जगह बड़ी लाइन डाली गई। गंगा नगर में सामुदायिक भवन, गंगा नगर से जिला अस्पताल से पक्का नाला निर्माण और विभिन्ना जगह स्ट्रीट लाइट लगवाई है।

-वीरेंद्रसिंह भदौदिया, पूर्व पार्षद

वार्ड क्रमांक छह

अधिकारी बोले...

जलावर्धन व सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत हुई खोदाई के बाद मार्ग निर्माण संबंधित कंपनी को ही बनाना है। काम फिलहाल जारी है। यदि कोई और समस्या है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -प्रियंका पटेल, सीएमओ खरगोन

Posted By: Nai Dunia News Network

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