खरगोन, नईदुनिया प्रतिनिधि। अब तक बोरवेल में बच्चों के गिरने और घंटों रेस्क्यू चलने के मामले सामने आए हैं। खरगोन शहर से 4 किलोमीटर दूर टेमला रोड पर एक खेत में श्वान के तीन पिल्ले बोरवेल में गिर गए। पिल्लों के बोरवेल में गिरने पर लोगों की भीड़ जुट गई और निकालने के सभी लिए प्रयासरत थे। तभी कर्तव्य स्ट्रे एनिमल वेलफेयर संगठन के सदस्यों को सूचना मिलने पर वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल जेसीबी बुलाकर बोरवेल के पास करीब 20 फीट गहरा गड्ढा खुदवाया और गड्ढे में उतरकर बोरवेल में फंसे तीनों पिल्लों को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि तीनों पिल्लों का जन्म तीन दिन पहले हुआ था।

वेलफेयर संगठन के युगल गीते ने बताया कि उनकी टीम ने यह रेस्क्यू मंगलवार को किया था। उन्हें सुबह 10.30 बजे सूचना मिली कि टेमला रोड स्थित खेत के बोरवेल में श्वान के तीन पिल्ले गिर गए हैं। सूचना मिलने पर टीम सदस्य संचिता रघुवंशी, दीक्षांत ताम्रकर और आयुष अवास्या के साथ मौके पर पहुंचे। जेसीबी से बोरवेल के आस-पास खोदाई करवाई। 20 फीट की खोदाई और छह घंटे के रेस्क्यू के बाद तीनों पिल्लों को टीम के सदस्यों ने सुरक्षित बाहर निकाला। दौरान पिल्लों को जन्म देने वाली मादा श्वान भी मौके पर मौजूद रही।

पहला 10 फीट पर और दो 18 फीट पर मिले

गीत ने बताया कि बोरवेल के पास 20 फीट गहरा गड्डा खोदे जाने के बाद पिल्लों को बाहर निकालने का काम शुरू हुआ। बोरवेल में एक पिल्ला 10 फीट की गहराई पर मिला। जबकि दो पिल्लों को 18 फीट गहराई से बाहर निकाला गया। रेस्क्यू आपरेशन के दौरान जब तीनों पिल्लों को सुरक्षित बाहर निकालने पर टीम के सदस्यों और आसपास मौजूद लोगों ने एक-दूसरे को बधाई। टीम सदस्य संचिता ने बताया कि 2019 में संगठन तैयार किया था। पिछले एक वर्ष से वे और उनकी टीम बेजुबान जानवरों को बचाने का कार्य कर रहे है। टीम ने पिछले एक वर्ष में 200 रेस्क्यू किए हैं। टीम द्वारा सभी कार्य निशुल्क किए गए हैं।

Posted By: Prashant Pandey

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