- जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्था में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का दिया प्रशिक्षण

खरगोन। नईदुनिया प्रतिनिधि

पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए एक बार फिर शिक्षा विभाग में नवाचार देखने को मिलेगा। कि सी भी कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थी, जो पढ़ने में सामान्य से कम स्तर के हैं, शिक्षक उन विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देंगे। ऐसे विद्यार्थियों को दक्ष बनाने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। यह सब प्रक्रिया त्रैमासिक परीक्षा के परिणाम आने के बाद शुरू हुई। इस वर्ष त्रैमासिक परीक्षा के परिणाम में 40 से 50 प्रतिशत विद्यार्थी डी और ई ग्रेड में आए हैं। देखा जाए तो सिर्फ 50 से 60 प्रतिशत विद्यार्थी ही ए, बी और सी ग्रेड में आए। कमजोर विद्यार्थियों को दक्ष बनाने के लिए हाई स्कू ल और हायर सेकंडरी स्कू ल में 15 अक्टूबर से रेमेडियल क्लास शुरू की जाएगी। इसी को लेकर गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिंदी विषय के विशेषज्ञों को मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्था में शनिवार को अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान के 480 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों को बताया जाएगा कि कि स प्रकार कमजोर विद्यार्थियों को पढ़ाना है, ताकि उनकी दक्षता का उन्नयन हो सके । प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की मूलभूत दक्षता में उन्नयन करना है। ताकि स्कू लों में बच्चों को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिले।

विषय वस्तु की अवधारणा, संकल्पना एवं बाल मन के अनुसार अभिरुचि शिक्षण, व्यवहारों और विचारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य आधार त्रैमासिक परीक्षा के परिणाम है। परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि विद्यार्थियों की मूलभूत दक्षताओं में कमी पाई आई है। शिक्षा विभाग के सहायक संचालक एमएल जैन और नोडल अधिकारी दिलीप कर्पे ने बताया कि परीक्षा परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों के सेक्शन ग्रेड के आधार पर बनाए जाएंगे। ऐसी शालाएं जहां एक ही सेक्शन है, वहां डी और ई ग्रेड के विद्यार्थियों की संख्या के आधार शिक्षक द्वारा निर्णय लिया जााएगा कि उन्हें कि स तरह पढ़ाना है। इसके साथ ही ई ग्रेड को दो भागों में ई वन और ई टू में बांटा गया है। ताकि विद्यार्थियों की वास्तवित स्तर की जानकारी शिक्षक को मिल सके । विद्यार्थियों को इस तहर से पढ़ाया जाए कि विद्यार्थी न्यूनतम दक्षता प्राप्त कर सके ।

ऐसे की जाएगी शिक्षकों व्यवस्था

एक परिसर एक शाला वाले स्कू लों की प्राथमिक, माध्यमिक शालाओं के स्नातक, स्नातकोत्तर उपाधि धारी शिक्षकों का उपयोग हाई स्कू ल और हायर सेकंडरी में अनिवार्य रूप से कि या जा सकता है। ऐसे शिक्षकों को प्राथिमकता दी जाए। जहां स्कू लों की आपस में साझेदारी हो सकती है। जैन ने बताया कि जिस स्कू ल गणित के शिक्षक उपलब्ध है लेकि न अंग्रेजी के नहीं है। ऐसी स्थिति में दोनों स्कू ल शिक्षकों की सेवाओं को साझा कर सकती है। यह व्यवस्था तीन-तीन दिन के लिए रहेगी। इस प्रकार की गई व्यवस्था में प्रयुक्त शिक्षक को नियमानुसार न्यूनतम 10 दिवस की अन्य शाला में उपस्थिति के लिए आवागमन व्यय से रेमिडयल टीचिंग मद से डेढ़ हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा।

इस प्रकार रहेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

दिनांक विषय

12 अक्टूबर अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान

14 अक्टूबर हिंदी और गणित

15 अक्टूबर विज्ञान विषय

स्कू लों में कमजोर विद्यार्थियों की दक्षता उन्मूलन के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास कि स जा रहे हैं। वर्तमान समय में प्राप्त त्रैमासिक परीक्षा परिणाम को लेकर अधिकांश विद्यार्थी डी और ई ग्रेड में आए हैं। इस नवाचार से कमजोर विद्यार्थियों को और अधिक सकारात्मक माहौल मिलेगा। शिक्षकों इसी उद्देश्य से शासन की योजनानुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

- के के डोंगरे, जिला शिक्षा अधिकारी, खरगोन

12के जीएन-51- खरगोन के डाइट परिसर में शिक्षकों को प्रशिक्षण देते हुए मास्टर ट्रेनर।