नितेश दसोंधी . ऊन (खरगोन)

एक तरफ देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है तो दूसरी तरफ खरगोन जिले के रायबिड़पुरा गांव की दो बेटियों ने इटली में आयोजित सातवीं विश्व युवा ब्रिज स्पर्धा में रजत पदक प्राप्त कर तिरंगा लहराया। 19 बोर्ड राउंड तक विधा पिता कमल पटेल और कल्पना पिता बलिराम गुर्जर की जोड़ी 48 प्रतिस्पर्धियों के मध्य पहली रैंक पर रही, लेकिन अंतिम दौर में एक अंक से पिछड़ने के कारण स्वर्ण पदक से दूर रह गईं। फ्रांस के खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक और मेजबान इटली की खिलाड़ी कांस्य पदक पाने में सफल रहीं।

बुधवार को इटली में प्रारंभ इस स्पर्धा की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई थी। जिसके बाद से लगातार 19 बोर्ड राउंड तक विधा-कल्पना की जोड़ी पहली रैंक पर काबिज रही थी। स्पर्धा के दौरान रायबिड़पुरा सहित अन्य ब्रिज प्रशंसकों की नजर इनके खेल पर आनलाइन बनी रही। अंतिम दौर से एक अंक की हार से दूसरे स्थान पाने पर पहुंची विधा-कल्पना ने वर्ल्ड ब्रिज क्लब एवं आयोजक ने सम्मानित किया। इस दौरान विधा कल्पना नेइटली में तिरंगा फहरा कर अपने गांव के साथ ही देश का नाम रोशन किया है। गुरुवार से इटली में टीम इवेंट की शुरुआत हुई। इसमे एक टेबल पर एक टीम के चार खिलाड़ी है। 14 अगस्त को फाइनल के साथ स्पर्धा का समापन होगा।

पिता ने जताया गर्व

विधा और कल्पना के पिता कमल पटेल और बलिराम गुर्जर ने नईदुनिया से कहा कि हम भी इस खेल की बारीकियों को अच्छे से समझते हैं। हमें पूरी उम्मीद थी कि हमारी बेटियां देश के लिए स्वर्ण पदक अर्जित करेंगी, लेकिन खेल में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। आखिरी चक्र में एक अंक की मात मिली। फिर भी हमें गर्व है कि हमारी बेटियां विश्वस्तर पर अपने गांव, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रही हैं। आगे स्पर्धा जारी है जिसपर दोनों खिलाडियों को प्रशिक्षित करने में अहमदाबाद के परिमल वालिया तथा ब्रिज कोच विनय देसाई का अच्छा सहयोग रहा है।

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