खरगोन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में अल्पवर्षा के कारण अनेक गांवों में बारिश के मौसम में भी पेयजल संकट बना हुआ है। कई गांवों में अब नलकूप और जलस्स्रोत दम तोड़ने लगे हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिले को सूखा क्षेत्र घोषित किया जाए। यह मांग गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसान संघ के पदाधिकारियों ने कही। उन्होंने कलेक्टर गेट पर करीब 35 मिनट तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद कलेक्टर अनुग्रहा पी. को ज्ञापन सौंपा।

संगठन के जिलाध्यक्ष श्यामसिंह पंवार ने बताया कि जिन गांवों में जलसंकट गहरा रहा है, उन्हें चिन्हित किया जाए। गांव के साथ ही खेतों का भी सर्वे कर किसानों को सहायता दी जाए। इसके साथ पर्याप्त खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नर्मदा उद्वहन योजना में अनियमितता और लापरवाही के चलते निर्धारित समय-सीमा में काम पूर्ण नहीं हुआ। गांव के छोटे-छोटे तालाबों को भी इस योजना से जोड़ा जाए। एक एमसीएम क्षमता वाले या उससे कम क्षमता के सभी तालाबों को लिफ्ट सिंचाई योजना से जोड़ा जाए। कलेक्टर ने समस्या का उचित निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इस संबंध में शासन स्तर पर भी चर्चा करने की बात कही।

तहसील कार्यकारिणी का गठन

मंडी परिसर में गुरुवार को भारतीय किसान संघ की जिला इकाई की बैठक हुई। इसमें मालवा प्रांत मंत्री रेवाराम भाईडिया, जिला अध्यक्ष पंवार व जिला मंत्री सदाशिव पाटीदार, चुनाव प्रभारी कमल पाटीदार उपस्थित थे। इस मौके पर विकासखंड खरगोन की नई कार्यकारिणी का गठन किया। इसमें खरगोन विकासखंड अध्यक्ष कमलेश पाटीदार, उपाध्यक्ष लखन पाटीदार, विकासखंड मंत्री बलिराम पाटीदार सहित अन्य पदों पर निर्वाचित सदस्यों को दायित्व सौंपे गए।

120 किसानों को नहीं हुआ भुगतान

पंवार ने बताया कि कसरावद क्षेत्र के 120 किसानों को अब तक निजी व्यापारियों द्वारा मक्का खरीदी कर उसका भुगतान नहीं किया गया। किसानों को जल्द से जल्द भुगतान कराया जाए। भीकनगांव विकासखंड में बिंजलवाड़ा उद्वहन सिंचाई परियोजना में किसानों के खेतों में जो पाइप बिछाए जा रहे हैं वह मापदंड के अनुसार न होकर केवल एक फीट गहराई पर ही गाड़े जा रहे हैं। कार्य गुणवत्ता के अनुसार किया जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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