बड़वानी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में सघन दस्त रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 18 जुलाई 31 अगस्त तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों को 10 प्रकार की सेवाएं घर-घर जाकर दी जाएंगी । इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के पदाधिकारियों, मैदानी अमले का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। इसलिए दोनों विभागों के जिला अधिकारी आपसी समन्वय से विस्तृत कार्ययोजना बनाएं, जिससे एक-एक बच्चे तक पहुंचकर उसे दस्तक अभियान के तहत लाभान्वित कर सके।

दस्तक अभियान की कार्यशाला में कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा ने यह निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि इस कार्ययोजना में प्रत्येक मैदानी अमले द्वारा प्रतिदिन किए जाने वाले कार्यों के सुपरविजन की भी व्यवस्था हो, जिससे मैदानी अमले के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा कर उसे आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा सके। जिला टीकाकरण अधिकारी डा. मनोज खन्नाा ने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान हम प्रत्येक बच्चे के घर पर दस्तक देकर सुनिश्चित करेंगे कि उसकी स्वास्थ्य जांच, निमोनिया ग्रसित बच्चों की जांच व उपचार, कुपोषित की जांच व उसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करने, दस्त रोग डायरिया से पीड़ित बच्चों के पालकों को ओआरएस घोल बनाने की जानकारी दी जाएगी। जिससे प्रत्येक बच्चा स्वस्थ्य एवं सबल बन सके। इसके लिए एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता की संयुक्त टीम बनाई जाएगी, जो घर-घर जाकर दस्तक देगी। इनके कार्य का निरीक्षण सीएचओ द्वारा किया जाएगा। दस्तक अभियान के दौरान चयनित बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर भी किया जाएगा। जहां मेडिकल आफिसर बच्चों के इलाज की समुचित व्यवस्था करेंगे। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. अनिता सिंगारे, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी आरएस गुंडिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. सुरेखा जमरे, यूनिसेफ के डा. अंकुर जैन, डीपीएम ज्योति मंडलोई सहित समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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