खरगोन। जिले से एक महिला को बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस महिला का आरोप है कि उसे दो दिन तक भूखा रखा और 60 हजार रुपए में अन्यत्र बेच दिया। इस साजिश में महिला ने अपने ससुराल वालों पर संगीन आरोप लगाए।

मंगलवार शाम यह 32 वर्षीय महिला लगभग 3 वर्ष बाद अपनी जान बचाकर मायके खरगोन लौटी। बुधवार को अपने परिजन के साथ इस महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाकर पीड़ा बयां की। यहां से महिला को सनावद थाने भेजा गया। गौरतलब है कि महिला का विवाह 2002 में सनावद हुआ था और यहीं से यह वर्ष 2011 में लापता हुई थी। इस पूरे घटनाक्रम में कई पेंच फंसते दिखाई देते हैं।

पहले प्रताड़ना फिर बेचा

महिला ने बताया कि उसका विवाह 2002 में सनावद के एक परिवार में हुआ था। शुरू से ही उसे ससुराल पक्ष प्रताड़ित कर विवाद करते थे। यही नहीं इस बीच उसके तीन बच्चे हुए। मायके पक्ष ने समझौता एग्रीमेंट करवाकर भेजा। बावजूद ससुराल पक्ष ने दो दिन भूखा रखा और घर से निकाल दिया। इस बीच कुछ लोग उसे वाहन में बैठाकर ले गए। बाद में पता चला कि वह गांव बजरंगगढ़ (रतलाम)में है और उसे 60 हजार में बेचा गया है।

यहां लगभग एक साल मजदूरी कर प्रताड़ित किया गया। तत्पश्चात उसे डुंगरपुर (राजस्थान) बेचा गया। महिला के अनुसार यहां वेलजी बेदाजी नामक व्यक्ति ने उसे रखा। यहां नशीली दवाइयां और इंजेक्शन लगाकर रखा जाता था। मजदूरी के दौरान कुछ लोगों से उसका परिचय हुआ और उनकी मदद से ही यह पुनः खरगोन लौटी। सनावद पुलिस मामले की जांच कर महिला से पूछताछ कर रही है।

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