बबलिया(नईदुनिया न्यूज)। निवास तहसील के जनपद नारायणगंज क्षेत्र के लगभग 20-25 ग्राम पंचायतें पथरीली पठारी क्षेत्र के अंतर्गत आते है। जहां पर किसानों के खेत पहाड़ चट्टानों से घिरे हैं। यहां पानी का अभाव, सिंचाई के अभाव में कृषि हमेशा सूख जाती है। जिससे किसानों का पर्याप्त आय का स्त्रोत न होने से वे शहर व महानगरों की ओर मकान निर्माण या सड़क निर्माण, फसल कटाई के नाम से मजदूरी के तलाश में जाते हैं। यहां तक की आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, हिमाचल, कर्नाटक अन्य प्रदेशों में जाकर रोजी रोटी के तलाश में अपना और परिवार का भरण पोषण करते हैं। मध्यप्रदेश एवं केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षा योजना संचालित है, जो मजदूरों को रोजी रोटी देने के लिए 100 दिन का रोजगार प्रति व्यक्ति को देने के लिए सरकार का कानून बना है। किंतु मौके में परिवार के एक ही आदमी को 100 दिन का रोजगार मिलता है। जबकि जाबकार्ड में घर के चार सदस्यों का नाम दर्ज रहता है। मजदूरों का कहना है कि परिवार के मुखिया के साथ चार सदस्य है तो चारों को 100-100 दिन का काम अनिवार्य रूप से दिया जाए किंतु ऐसा नही होता। इससे गाम पंचायतों में परिवार के मुखिया को 100 दिन का काम मिलता है, 3 सदस्य घर में बैठे रहते है। इसलिए घर में बैठने वाले सदस्य अपने रोजी रोटी के तलाश में गॉव छोड़कर महानगरों की ओर पलायन करते है।

काम के आभाव में नरसिंहपुर गए मजदूर

23 जनवरी को ग्राम पंचायत मुकासखुर्द के मजदूर गन्नाा काटने के लिए नरसिंहपुर के गॉव टेकापार गॉव रवना हुऐ है। मजदूरों के साथ मुखिया गंगाराम भगतसिंह ने बताया है कि ग्राम में काम के अभाव में बाहर जा रहे है। ग्राम पंचायत में रोजगार गारंटी के काम में हमें नहीं लगाया जाता है इसलिए मजबूरी के कारण काम के तलाश में बाहर जा रहे है। इसी तरह ग्राम पंचायत जेवरा के 8 मजदूर फल्ली तोडने के नाम से जबलपुर जिले के ग्वारी घनेटा क्षेत्र में, भोलाराम यादव, विश्राम, पप्पू यादव साथ में 8 महिला पुरूष रवाना हो गए। इसी क्रम में ग्राम पंचायत डालाकापा के 5 महिला पुरूष भगत सिंह, भूरासिंह आदि मकान निर्माण हेतु जबलपुर रवाना हुए है।

क्षेत्र में उद्योग धंधे स्थापित हों

मजदूरों एवं क्षेत्र के जनता द्वारा मांग की है निवास तहसील के अंतर्गत जनपद नारायणगंज बबलिया क्षेत्र से ही केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते इस पठार क्षेत्र में मजदूरों के लिए स्थायी रूप से उद्योग खोले। जिससे क्षेत्र में बेरोजगार एंव मजदूरों को दैनिक मजदूरी प्रतिदिन मिल सकें। इस तरह निरंतर क्षेत्र से मजदूरों का पलायन प्रतिदिन हो रहा है। जिला प्रशासन स्थायी रूप से मजदूरों को काम के लिए बड़े बांध डेम के काम में लगाया जाए। जहां पर बड़े बड़े मशीनरी से काम होते है उनको मजदूरों से कराया जाए। जिससे हर हाथ को काम मिल सके।

Posted By: Nai Dunia News Network

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