मंडला (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने दसवी एवं बारहवी बोर्ड की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होने कहा कि विगत वर्ष की तुलना में जिले का बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम बेहतर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम 65 फीसद कम नहीं होना चाहिए। उन्होने कक्षा नवमीं से बाहरवी तक के पाठ्यक्रम की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों को नोट्स उपलब्ध कराने के निर्देश दियें। कलेक्टर ने स्कूलवार उपस्थिति की भी समीक्षा की। उन्होने संकुल प्राचार्यो एवं बीईओ से स्कूलों में दर्ज संख्या में कमी के कारण पूछें। उन्होने दर्ज संख्या को बढ़ाने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने सर्वाधिक ड्रापआऊट स्कूलों तथा कक्षाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक अभिभावकों से बात करें। उन्हें बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करें। आवश्यकता होने पर घर घर जाकर पालकों एवं बच्चों से उनकी समस्याएं जानें। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अभिभावकों को अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने एवं परीक्षाओं में शामिल करने के लिए विशेष प्रयास करने की अपील की। कलेक्टर ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ऐसी व्यवस्था करे कि बोर्ड परीक्षाओं में सभी बच्चे अनिवार्यतः परीक्षा में बैठें, परीक्षा में अनुपस्थित न रहें। उन्होंने स्कूलों में आयोजित की गई अर्द्धवार्षिक परीक्षा के परिणामों की समीक्षा करते हुए असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की जानकारी ली एवं संबंधितों से कारण जाने। कलेक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं रहा वहां के शिक्षकों का बोर्ड परीक्षाओं के बेहतर परिणाम आने तक वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार उन्होंने अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं में असंतोषजनक परिणाम वाले संबंधित संकुल प्राचार्यों और बीईओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संकुल प्राचार्यों को बोर्ड परीक्षाओं तक उनके स्कूलों में व्यवस्थाओं को सुधारने जरूरी अधिकार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं तक संकुल प्राचार्य आवश्यकता होने पर अन्य स्कूलों के शिक्षकों का दूसरे स्कूलों में अटैचमेंट करा सकते हैं ताकि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा होने तथा अन्य तैयारियों में सहयोग मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि लापरवाह अतिथि शिक्षकों को तत्काल हटाएं।

40 फीसद से कम प्रगति दिखाने वाले शिक्षकों का वेतन रुकेगाः कलेक्टर ने बच्चों को नोट्स उपलब्ध कराते हुए उनका नियमित रूप से रिविजन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक स्तर पर टेस्ट भी लिया जाए। उन्होंने जिले के पालकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें। बोर्ड परीक्षाओं के तैयारियों में स्कूल विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करें। कलेक्टर ने कहा कि मॉडल स्कूल तथा उत्कृष्ट विद्यालय के परीक्षा परिणाम 75 फीसद से कम नहीं होना चाहिए। 40 फीसद से कम प्रगति दिखाने वाले स्कूलों के शिक्षकों की वेतन रोकी जाएगी। उन्होंने मुनू मोहगांव के शिक्षकों के वेतन रोकने के निर्देश दिए तथा प्रिसिंपल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पढ़ाई में कमजोर बच्चों को उत्तीर्ण करने के लिए शिक्षक विशेष प्रयास करें। उन्हें अतिरिक्त कक्षाएं देते हुए उनकी मदद करें। उन्होंने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने तथा नियमित रूप से स्कूल आने के लिए व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम को बेहतर करने के लिए आगामी दिनों में संकुल प्राचार्यों, बीईओ, बीआरसी एवं शिक्षकों को भरपूर मेहनत करना होगा। शिक्षक अभिभावकों से मिलें, आवश्यकता होने पर अतिरिक्त कक्षाएं लें तथा प्रतिदिन 2.2 स्कूलों का औचक निरीक्षण करें। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी निर्मला पटलेए सहायक संचालक श्री मसरामए एपीसी मुकेश पांडे तथा संबंधित उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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