जिले में प्रधानमंत्री आवासों के लिए स्वीकृति मिलते ही लोग जल्द से जल्द मकान की नींव भराने के लिए उतावले हो रहे हैं। उन्हें नींव भराने के बाद इसकी जानकारी संबंधित ग्राम पंचायत और जनपद में शीघ्र देनी है ताकि अगली किश्त भी उनहें क्रमशः मिलना जारी रहे। यह बात तो ठीक है। पर कोरोना संकट का समय चल रहा है। बहुत अधिक लोग वर्तमान में बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। जीवन का संकट है। फिर भी शासन की इस योजना का लाभ जिनको मिला है वे अवसर को खोना नहीं चाहते और मिले निर्देशों के तहत जल्द प्रथम किश्त की मिली राशि का सदुपयोग करना है। इस चक्कर में वे इस संकट के दौर में भी अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं और तमाम नियम कायदे कोविड-19 के जारी होने के बाद भी अपने आवास निर्माण की शुरूआत करने में लगे हुए है। वे इस बात से भी अंजान है कि अपने मकान निर्माण की चाहत में कहीं वे कोरोना को निमंत्रण देने में भी तो नहीं लगे हुए हैं।

प्रथम किश्त 25 हजार की हुई जारी

दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से हितग्राहियों को 25 हजार रुपये की राशि स्वीकृत हो गई है। हितग्राहियों से कहा गया है कि वे इस राशि का सदुपयोग कर लें और इसकी जानकारी करीब एक पखवाड़ा में दें। कोरोना कर्फ्यू लगे होने के बाद भी हितग्राहियों को अपने आवास बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्हें इसके लिए निर्माण सामग्री जुटाना पड़ रहा है। रेत, गिटटी, सीमेंट, लोहा की व्यवस्था करना पड़ रही है। इस अवसर का लाभ व्यापारी भी उठा रहे हैं। बताया गया है कि देर रात दुकान खोलकर निर्माण सामग्री लोहा, सीमेंट दे रहे हैं। मनमाने रेट पर हितग्राहियों को सामग्री मिल रही है। इस तरह इस आपदा के अवसर पर आवास निर्माण में भी उन्हें एक ओर जहां जीवन को भी दांव लगाना पड़ रहा है तो वहीं लोगों का कहना है कि निर्माण सामग्री भी महंगे दाम पर मिल रही है। जिससे गरीब लोगों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

देर रात दुकानें खुलवाकर ले जा रहे सामग्री

बताया जा रहा है कि इस समय कोरोना कफर्यू के कारण लोहा सीमेंट की नगरीय क्षेत्र से लगी हुई दुकानों को देर रात खोल दिया जाता है। जहां ग्रामीण रात में ही लेने पहुंच जाते हैं। दुकानों में हितग्राहियों उंचे दामों में खरीदकर ले जाना पड़ता है। यदि ज्यादा मोल तौल किया तो सामग्री देने से मना कर दिया जाता है। इस समय सामग्री मिल रही है यही संतोष करते हुए महंगी ही सही सामग्री लेकर हितग्राही जा रहे हैं और अपने आवास की नींव भराने का कार्य में लगे हुए हैं।

ढील दी जाए कार्य में

हितग्राहियों को मानना है कि प्रथम किश्त तो मिल गई है। नींव बनाने के लिए समय सीमा तय की जा रही है। पर इस समय निर्माण कार्य कराना जान जोखिम उनके लिए साबित हो सकता है। इसलिए अभी समय सीमा की पाबंदी न करते हुए इसमें ढील देना चाहिए। ताकि यह संकट का दौर टल जाए। उसके बाद वे निर्माण कार्य को जारी रख सके।

यह भी है समस्या

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हितग्राहियों को राशि मिलने के बाद कई लोग इसका उपयोग आवास छोड़ कहीं और कर लेते हैं। हितग्राही आवास के लिए मिली राशि का उपयोग आवास के लिए ही करें। जिस कारण जल्द मिली राशि का सदुपयोग कर जानकारी जनपद को देने निर्देश हितग्राहियों को दिए जाते हैं। ताकि वे राशि का उपयोग मकान के लिए खर्च करें। वर्तमान में जिले में करीब 18 हजार हितग्राहियों को वर्ष 2020-21 की प्रथम किश्त की राशि 25 हजार रूपये जारी की गई है। जिसमें से 2300 लोगों के आवास नींव के लेवल तक आ चुके हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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