मंडला (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बारिश के मौसम की शुरुआत होने के साथ वन विभाग द्वारा बड़ी संख्या में पौध रोपण कराया जाता है प्रतिवर्षानुसार इस बार भी विभाग द्वारा पौधरोपण न केवल कराया जा रहा है। बल्कि पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदने का भी काम लगभग पूरा कर लिया गया है। हालांकि हर साल वन विभाग सहित कई अन्य विभागों द्वारा समय-समय में पौध रोपण किया जाता है लेकिन उन पौधों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। जिससे अधिकांश लगाए गए पौधे पेड़ नहीं बन पाते हैं। पूर्व सामान्य वन मंडल से मिली जानकारी अनुसार विभाग द्वारा 4 लाख 49 हजार 625 पौधों के रोपण का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें एक हजार हेक्टेयर में पौधरोपण किया जाएगा। बताया गया कि पौधरोपण में सागौन पॉलीपॉट, बॉस, आंवला, महुआ, खम्हेर सहित कई अन्य प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा।

मनरेगा के तहत विलंब से मिला लक्ष्यः वन विभाग द्वारा यह पौधरोपण कई तरह की योजनाओं के तहत कराया जाता है जिसमें कार्य योजना क्रियान्वयन अंतर्गत, कैम्पा योजना सीए, कैम्पा योजना एनपीह्वी, बाह्य स्थलीय वृक्षारोपण, अंतः स्थलीय पौधरोपण योजना से पौधरोपण किया जाता है। इसी के साथ मनरेगा योजना के तहत भी पौधरोपण किया जाता है लेकिन अधिकारियों ने बताया कि इस बार मनरेगा योजना के तहत पौधरोपण के लिए लक्ष्य ही विलंब से मिला है, जिससे तैयारियां नहीं हो सकी और इसलिए इस बार मनरेगा योजना के तहत करीब 75 हेक्टेयर में किए जाने वाला पौधरोपण नहीं किया जाएगा। इसके तहत करीब 46 हजार 875 बांस के पौधों का रोपण किया जाना था।

लगाए गए थे तीन लाख से अधिक पौधेः विभाग से मिली जानकारी अनुसार पिछले साल लक्ष्य से भी अधिक पौधों का रोपण किया गया था, गत वर्ष वर्षा ऋतु 2021 में 461.47 हेक्टेयर में करीब 2 लाख 73 हजार 950 पौधों का रोपण का लक्ष्य दिया मिला था जिसके एवज में 3 लाख 6 हजार 700 पौधों का रोपण किया गया था।

कटरा नर्सरी से वितरित किए जा रहे पौधेः वन विभाग को पौधरोपण के लिए पौधे कटरा स्थित नर्सरी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं यहां रोजाना बड़ी संख्या में वन कर्मी पौधे लेने के लिए पहुंच रहे हैं। बताया गया कि यहां सभी किश्म के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, हालांकि यहां देखा गया कि जो लाखों की लागत से पौधे लगाने के लिए वाहनों से भेजे जा रहे थे उन्हें ठीक ढंग से नहीं रखा गया था जिससे अधिकांश पौधे तो मौके में पहुंचने के पहले ही मर जाएंगे।

सुरक्षा पर सवालः हर साल लाखों पौधों का रोपण किया जाता है, जिसमें करोड;ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं। लेकिन इन पौधों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। जानकारी अनुसार वर्तमान में जो पौधे विभाग को रोपणी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं उनमें एक पौधे की कीमत 12 रूपए निर्धारित की गई है। इस लिहाज से इस बार करीब 40 लाख से अधिक की राशि सिर्फ पौधे खरीदी में ही खर्च की जाएगी, इसके अलावा गड्ढे करना, खाद, ट्रीगार्ड आदि का खर्च अलग वहन करना होता है। कुल मिलाकर यदि लगाए गए पौधों की सुरक्षा इमानदारी से कराई जाए तब ही इस तरह के पौधरोपण सफल माने जाएंगे।

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