मंडला (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गत दिनों जिले में हुई भारी बारिश से सामान्य जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि पानी थम जाने के बाद नदी नालों का जल स्तर कम हो गया है। बाढ़ के बाद इससे हुए नुकसान की तस्वीर भी नजर आने लगी है। नैनपुर में थांवर नदी पर बने पुल से पानी उतर जाने के बाद पुल को नुकसान हुआ है। 26 घंटों से डूबे नैनपुर के नजदीक थांवर नदी में बने पुल से पानी तो उतर गया है, लेकिन बाढ़ के पानी की वजह पुल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल पर दुपहिया वाहनों का भी आवागमन संभव नजर नहीं आ रहा है। पुल पर से यातायात शुरू किए जाने की सम्भावना पर नैनपुर थाना प्रभारी ने कहा कि टेक्निकल टीम जांच करेगी, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल पुल के दोनों ओर आवागमन शुरू होने के इन्तजार में वाहनों की लम्बी कतार लगी हुई है, तो वहीं लोगों की सुरक्षा के लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात है।

पुराना है पलः थांवर नदी पर बना यह पुल वर्षों पुराना है और जीर्णशीर्ण हो चुका है। पुल के नजदीक ही नए पुल निर्माण का काम चल रहा है पर निर्माण की गति बहुत धीमी है। इस पुल पर आवागमन बंद होने से जिले का बालाघाट, सिवनी, नागपुर, छिंदवाड़ा से सड़क सम्पर्क टूटा हुआ है। दूसरी तरफ जिले के अन्य लगभग सभी मार्ग खुल गए हैं और सामान्य रूप से यातायात शुरू हो गया है।

पांच इंच से ज्यादा बारिशः मंडला जिले में गत 15 अगस्त को 86.4 मिमी और 16 अगस्त को 62.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानि पिछले 48 घंटे में 5.84 इंच बारिश हुई है। 15 अगस्त को जिले मे नर्मदा, बंजर, बुढनेर, कन्हार, हालोन उफान पर रही है। जिससे जिले भर में सड;क बंद रही है। मंडला सिवनी मार्ग में नैनपुर के पास थांवर नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण 16 अगस्त को भी आवागमन नही हो सका है। इसके अलावा 14 अगस्त को घुघरी के पास टिकरिया गांव में गड;बडी नाला से वनरक्षक बह गया और जेवरा के पास नाला से अधेड; बह गया। इस घटना में दोनो की मौत हुई है।

कलेक्टर ने किया निरीक्षणः आपको बताते चलें कि नैनपुर में क्षतिग्रस्त हुए पुल को देखने के लिए मंगलवार को मौके पर कलेक्टर हर्षिका सिंह पहुंची जहां उन्होंने न केवल पुल का निरीक्षण किया है बल्कि कुछ आवश्यक निर्देश स्थानीय प्रशासन को जारी किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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