सिंगारपुर (नईदुनिया न्यूज)। मंडला जिले के जनपद पंचायत मोहगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत ठेभा सरपंच तृप्ति पंद्रो ने कहा कि ग्राम ठेभा से जिला मुख्यालय मंडला की दूरी लगभग 72 किमी दूर है। यहां की जनसंख्या लगभग 300 एवं मकान 900 है जिसमें 75 प्रतिशत एसटी, नौ प्रतिशत एससी और 16 प्रतिशत ओबीसी के लोग निवासरत हैं। यह ग्राम पंचायत बुढ़नेर नदी के चारों ओर से घिरा नदी के टापू पर बसा हुआ है। लेकिन यहां के झिघराघाट में पुल न होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुढ़नेर नदी के झिघराघाट में पुल बनना अति आवश्यक है क्योंकि पुल न होने से प्रति वर्ष बारिश में क्षेत्रीय ग्रामीण क्षेत्रों से संपर्क टूट जाता है।

ग्राम पंचायत ठेभा से नव निर्वाचित सरपंच तृप्ति पंद्रो ने ग्राम विकास कार्य कराने निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जब से सरपंच पद पर नियुक्त हुई है तबसे ब्लाक से लेकर जिला अधिकारियों को ग्राम विकास से संबंधित सहित अन्य कार्यों से अवगत कराते आ रही है। सरपंच सुश्री तृप्ति पंद्रो ने झिघराघाट स्थित बुढ़नेर नदी बाढ़ देखने पहुंची जहां पर नदी के बाढ़ अधिक होने की स्थिति से क्षेत्रीय ग्रामीणों का संपर्क इस मार्ग से टूट गया। पंद्रो ने बताया कि यहां पर पुल बनवाने के लिए जिला अधिकारियों व म. प्र. शासन को पत्र के माध्यम से इसी अगस्त माह में अवगत कराई। इस घाट से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को इसी मार्ग से आवागमन हो रही है। ठेभा स्थित बुढ़नेर नदी झिघराघाट में पुल बनना अति आवश्यक है। यदि पुल बन जायेगा तो प्रति वर्ष बारिश में बाढ़ से आवागमन में हो रही भारी परेशानियों से निजात मिल सकेंगी।

बता दें कि बारिश के दौरान गर्भवती महिलाओं एवं बीमार लोगों को अस्पताल में इलाज के लिए लाने ले जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि नदी में बाढ़ अधिक आ जाने से प्रति वर्ष बारिश में ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट जाता है। वही भानपुर पहुँच मार्ग भी बदहाली का शिकार है। सड़क मार्ग बदहाली की स्थिति में होने के कारण जननी एम्बुलेंस वाहन सहित अन्य वाहनों को आने जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा।

बुढ़नेर नदी में पुल एवं भानपुर पहुँच में प-ी सड़क निर्माण कार्य कराने की बात कही है क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि छात्र- छात्राओं को उधा स्तरीय शिक्षा, चिकित्सा, साप्ताहिक बाजार हाट व जैसी अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं। इसलिए बुढ़नेर नदी झिघराघाट में पुल एवं भानपुर पहुँच मार्ग में प-ी सड़क निर्माण कार्य की जावे ताकि गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों, स्कूली छात्र- छात्राओं और लोगों को चाबी बाजार - हाट आवागमन में हो रही परेशानी से निजात मिल सके।

वही ग्राम पंचायत ठेभा सरपंच तृप्ति पंद्रो ने बताया है कि ग्राम पंचायत ठेभा नदी के चारों ओर 14 वार्ड में बसा हुआ है यदि देखा जाये तो ग्रामीणों को कहीं जाना हो तो लकडी के ढोंगी के सहारे जान जोखिम में डाल कर जाना पडता है और नदी में बाढ़ अधिक होने की स्थिति में हो तो आमजनों को कई प्रकार के परेशानियों का सामना करना पड़ता है एवं नदी में अनेकों हादसें हो चुके हैं।

यदि देखा जाये तो तहसील घुघरी की दूरी महज 5 किमी है लेकिन 45 किमी की दूरी घूमकर आवागमन करना पड़ रहा है। वही उप तहसील मोहगांव महज 7 किमी दूर है लेकिन 35 किमी की दूरी घूमकर आवागमन करना पड़ रहा है। यदि बुढ़नेर नदी झिघराघाट में पुल का निर्माण कार्य हो जाये तो आवागमन की दूरी कम जायेगा। जिससे जनपद पंचायत मोहगांव होते हुए अमरपुर, समनापुर और डिण्डौरी होते हुए तीर्थस्थल अमरकंटक तक लगभग 250 गाँव सीधे जुड़ जायेंगे जिससे म.प्र. शासन को राजस्व में वृद्घि होगी।

ग्राम पंचायत ठेभा के क्षेत्रीय नागरिकगणों का कहना है कि जल्द से जल्द हमारे उपरोक्त माँगें पूर्ण रुप से सुनवाई हो, यदि माँग की सुनवाई नही होगा तो धरना प्रदर्शन एवं उग्र आंदोलन करने के लिए संपूर्ण क्षेत्रवासियों को बाध्य होना पड़ेगा। इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन- प्रशासन की होगी। जनमांग है कि शासन प्रशासन इस ओर ध्यान देवें जैसे भानपुर पहुँच मार्ग होते हुए ग्राम पंचायत ठेभा स्थित बुढ़नेर नदी झिघराघाट में पुल एवं भानपुर पहुँच मार्ग में प-ी सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृत की जावे ताकि लोगों को आवागमन में हो रही भारी परेशानियों का सामना करना न पड़े।

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डोंगरगांव से उमरिया रैयत पहुंच मार्ग बदहाली का शिकार

सिंगारपुर।नईदुनिया न्यूज)। विकास खंड मोहगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत सुड;गाँव डामर रोड पुरी तरह से टूट गई है जिसमें पीडब्ल्यूडी के अधिकार या क्षेत्र के जनप्रतिनिधी ने भी नहीं दे रहे है ध्यान, बता दें कि इस रोड में एम्बुलैंस, ऑटो, मोटरसाईकिल चालक सहित राहगीरों को पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। दुर्घटना से परेशान रोड की दैनिक स्थिति है आए दिन यहां पर घटनाएं होती रहती है यह रोड 2016 से बनी थीन बनने के बाद अभी तक इसकी कोई मरम्मत यह नवीनीकरण नहीं किया गया है।

सुड;गाँव रोड; में गड्ढे ही गड्ढे राहगीर हो रहे परेशान

विकास खंड मोहगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत सुड;गाँव में सड़क जर्जर हालत में पड़ी है यह सड़क वर्ष 2016 में निर्माण कार्य किया गया थान जिसके बाद आज दिन तक सड़क की मरम्मत कार्य नहीं किया गया ना ही पीडब्लूडी के कर्मचारी या पंचायत समिति भी ध्यान नहीं दे रहे हैं स्कूल परिसर में परेशानी होती है न बधों की गणवेश भी खराब हो जाते है इस वजह से बधो स्कूल नहीं पहुंच पाते है।

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महिलाओं ने मनाया हलषष्टी पर्व

फोटो 14 हलषष्टी पर्व पूजा अर्चना करती हुई महिलाएं

नैनपुर (नईदुनिया न्यूज)। नगर सहित ग्रामीण अंचलों में बुधवार को व्रत धारी महिलाओं ने हलषष्टी पर संतान की लंबी उम्र की कामना का व्रत रखा माताएं व्रत पूजन के साथ ही अपनी संतान की दीर्घायु की कामना की हर छठ पर्व के दिन माताएं व्रत नियम का पालन करते हुए पूजन किया है इस दौरान कठोर व्रत नियम के पालन के साथ ही माताएं अपनी संतान की मंगल कामना के लिए पूजन करें वही पूजन करती महिलाओं के द्वारा बताया गया कि हर छठ के दिन भगवान कृष्ण के बड;े भाई बलराम का जन्म हुआ था उनका अस्त्र हल होने के कारण महिलाएं हल की पूजन करती हैं साथ ही कथा का श्रवण किया जाता है ऐसी मान्यता है कि हलषष्ठी मैं जो भी माताएं अपनी संतान के लिए व्रत करती हैं उनके संतान की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं नगर सहित आसपास के गांव की माताओं में भी इस पर्व का खासा उत्साह देखा गया सुबह से लेकर शाम तक माताएं पूजा में लगी रहीं माताओं ने सात प्रकार के अनाज की पूजा की और महुआ से बने प्रसाद को ग्रहण किया शाम को सूर्यास्त के बाद पसी के चावल की खीर बनाकर उसका भोग लगाया और उसको ग्रहण किया।

मंडला के वन अधिकारी-कर्मचारियों ने जताया विरोध, सुरक्षा के लिए दिए गए हथियार को कार्यालय में जमा कराया

मंडला (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मंडला के वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने शासन से आत्मरक्षा के लिए मिले हथियारों को आज कार्यालय में जमा कर दिया है। दरअसल स्टेट फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर्स (राजपत्रित) एसोसिएशन व मप्र वन कर्मचारी संघ, लटेरी वन विभाग में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर जेल भेजे जाने की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। उन्होंने आज शासन की ओर से आत्मरक्षा के लिए दिए गए बंदूक और रिवाल्वर को वनमंडल कार्यालय में जमा कर अपना आक्रोश प्रकट किया है।

स्टेट फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन जिला अध्यक्ष राघवेन्द्र गौतम ने बताया की 9 अगस्त को जंगल की सुरक्षा के दौरान लटेरी वन विभाग में लकड़ी तस्करों से वन अमले के बीच मुठभेड़ में दोनों तरफ से हुई फायरिंग में एक अपराधी की मौत हो गई थी। इस मामले में वन अधिकारियों व वन कर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर बिना मजिस्ट्रियल जांच के जेल भेज दिया गया है। स्टेट फॉरेस्ट रेंज आफिसर्स एसोसिएशन के आह्वान पर आज 16 अगस्त को मैदानी अमले को सुरक्षा के लिए प्रदाय किए गए सभी शासकीय हथियार भी अपने वन मंडल कार्यालय में जमा कर दिए गए हैं।

एसोसिएशन की जिला उपाध्यक्ष लतिका तिवारी ने बताया कि हमें जंगल की सुरक्षा व आत्मरक्षा के लिए हथियार दिए गए हैं। यदि आवश्यकता पड़ने पर हम इनका प्रयोग ही नहीं कर सकते तो ऐसे में इन हथियारों को सुरक्षित रखने के लिए अपने पास रखने का कोई आशय ही नहीं है। इसलिए हमने विभाग से आत्मरक्षा के लिए दिए गए बंदूक और रिवाल्वर को वनमंडल कार्यालय में जमा कर विरोध जाहिर किया है।

क्या है मामलाः नौ अगस्त की रात को विदिशा जिले में वन कर्मियों की फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। वन विभाग की ओर से इन्हें लकड़ी तस्कर बताते हुए आत्मरक्षा में गोली चलाने की बात कह रहा है। वहीं घायलों का कहना है कि लकड़ी काट कर ले जाते समय वन विभाग ने पीछे से गोलियां चलाई। पुलिस ने घायलों की शिकायत पर वन कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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