मंडला (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला लोधी क्षत्रिय समाज एवं अखिल भारतीय लोधी/लोधा अधिकारी कर्मचारी संघ (आलोक) जिला इकाई मंडला के द्वारा आज लालीपुर चौराहा स्थित वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा में 191 जन्मोत्सव पर माल्यार्पण कर श्रद्घा सुमन अर्पित किए

ये रहे शामिलः उक्त स्थान पर के.के.ठाकुर प्रांतीय महासचिव आलोक भोपाल, राजेश लोधी प्रांतीय संगठन सचिव आलोक, बालसिंह ठाकुर आलोक जिलाध्यक्ष, अरविंद सिंह (बंटी) ठाकुर पूर्व जिला अध्यक्ष आलोक,शिवेश ठाकुर जिला सचिव लोधी समाज, नितांत ठाकुर युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष लोधी समाज, शुभांक ठाकुर आलोक,नितिन ठाकुर, धर्मेंद्र ठाकुर, रणजीत ठाकुर, नितिन ठाकुर, अनुराग ठाकुर, भाई राम ठाकुर, अज्जाू ठाकुर,योगेश ठाकुर (दस्सी), अभिलाष (मिंटू) ठाकुर, आनंद सिंह ठाकुर,गोपाल कल्लू मरावी एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जन्म जयंति मनाई गई ।

कार्यक्रम कें पश्चात प्रतिमा के आस पास फैली गंदगी व अवैध अतिक्रमण साथ ही अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटवाने के लिए यातायात थाना प्रभारी को समस्या से अवगत कराते हुए मौका स्थल का निरीक्षण करवाया यातायात प्रभारी के द्वारा तत्काल वाहनों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर मौका स्थल से वाहन हटाने हेतु निर्देशित किया गया ।

मंडला बना पहला पूर्ण कार्यात्मक साक्षर जिला

मंडला (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला प्रशासन की ओर से महिला साक्षरता और संपूर्ण साक्षरता के लिए विगत 2 वर्षों से महिला ज्ञानालय और निरक्षरता से आजादी अभियान चलाया जा रहा है। इन दोनों अभियानों के फलस्वरूप जिले को प्रभारी मंत्री ने स्वतंत्रता दिवस आयोजन के दौरान देश का पहला पूर्ण कार्यात्मक साक्षर जिला घोषित किया है। यह मंडला कलेक्टर हर्षिका सिंह के प्रयासों का ही नतीजा जिसके चलते जिले को यह गौरव हासिल हुआ है।

निरक्षरता से आजादी का संकल्पः जिले में साल 2011 के सर्वे अनुसार साक्षरता का प्रतिशत 68 था। जुलाई 2020 में हुए सर्वे के अनुसार लगभग सवा दो लाख व्यक्ति साक्षर नहीं थे। ऐसे में निरक्षरता से आजादी दिलाने के लिए कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देशन में जिले की सभी ग्राम पंचायत और शहरी निकायों में लगभग 615 समाजिक चेतना केन्द्रों की स्थापना की गई।

ये रहे आकड़ेः इसमें लगभग 4500 अक्षर साथी और लगभग 176802 लोगों को साक्षर बनाने का कार्य प्रारंभ किया गया। इसके लिए महिला बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग एवं पंचायत विभाग के सहयोग से सभी ग्रामों में निरक्षर लोगों का सर्वे कार्य पूर्ण किया गया। सर्व उपरांत अक्षर साथी की ओर से विगत 2 वर्षों में सभी निरक्षर व्यक्तियों की उनकी सुविधानुसार माध्यमिक विद्यालयों में पंचायत वन में पहाड; पर चढ;कर नदी में जाकर साक्षर किया।

सामाजिक परिवर्तन का सफल प्रयोगः कलेक्टर हर्षिका सिंह ने बताया कि अगस्त 2020 में महिलाओं को साक्षर बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला ज्ञानालय कार्यक्रम शुरू किया। इसमें गांव की पढ़ी-लिखी महिलाओं ने अपने आसपास की निरक्षर महिलाओं को अक्षरज्ञान, गिनती और सामान्य-बैंकिंग व्यवहार से संबंधित जानकारी प्रदान की।

प्रौढ़-साक्षरता के अंतर्गत राज्य शिक्षा-केन्द्र तथा स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय से निरक्षरता से आजादी अभियान प्रारंभ किया गया। इस अभियान के अंतर्गत ज्ञानदान करने के इच्छुक अक्षरसाथियों और समाजसेवियों का भी सहयोग लिया। फलस्वरूप अब जिला कार्यात्मक रूप से पूर्ण साक्षर जिला बन गया है।जिले में सामाजिक परिवर्तन का यह अनूठा एवं सफल प्रयोग है। इस मुहिम में स्थानीय समाजसेवियों और अक्षरसाथियों का विशेष योगदान प्राप्त हुआ। सभी ने मनरेगा कार्यस्थलों, रात्रिकालीन कक्षाएं, प्रातःकालीन कक्षाएं तथा घर-घर जाकर भी निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के कार्य में सहयोग दिया।

शत-प्रतिशत कार्यात्मक साक्षरताः जिला प्रशासन की ओर से किए गए इन नवाचार से जिले के सभी निरक्षर अक्षर ज्ञान बुनयादी संख्याज्ञान के साथ-साथ लोग स्वयं के हस्ताक्षर कर बैंकों में खाता खुलवाने से लेकर स्थानीय पंचायत चुनाव में हस्ताक्षर के लिए सक्षम हुए हैं। मंगलवार को मंडला जिला शत-प्रतिशत कार्यात्मक साक्षरता हासिल कर देश 75वें स्वतंत्रता दिवस एवं आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर निरक्षरता से आजादी प्राप्त कर लिया है।

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