मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मंदसौर शहर व शिवना नदी के लिए एक अच्छी खबर यह है कि केंद्र सरकार ने क्लीन गंगा मिशन के तहत एपको द्वारा भेजी गई शिवना शुद्धिकरण की लगभग 108 करोड़ की योजना को मंजूर तो पहले कर दिया था। अब उसकी पहली किस्त 30 करोड़ रुपये जारी कर दी है। पर्यावरण मंत्री हरदीपसिंह डंग ने इसकी पुष्टि भी कर दी है। अभी मिली राशि से सबसे पहले चरण में शिवना नदी किनारे आठ किमी तक सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी। जो आगे जाकर एक छोटे तालाब में मिलेगी। वहां पानी को आक्सीनेट कर फिर नदी में छोड़ा जाएगा। एपको के अधिकारियों का कहना है कि एक साल में नदी साफ दिखने लगेगी।

भोपाल में पर्यावरण विभाग और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में पर्यावरण मंत्री हरदीपसिंह डंग ने बताया कि मंदसौर की शिवना नदी के पर्यावरण प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने प्रथम किस्त के रूप में 30 करोड़ रुपये की स्वीकृत दे दी है। स्वीकृत राशि से नदी के किनारे किनारे 8 किमी तक की सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी। इसके तहत शिवना नदी में मिलने वाले सभी गंदे नालों का पानी सीवरेज लाइन के जरिये शहर के दूर एक छोटे तालाब में छोड़ा जाएगा। इस तालाब में गंदे पानी को शुद्ध व पर्याप्त आक्सीनेटेट बनाकर नदी में छोड़ा जाएगा। बरसात का पानी नदी में यथावत मिलता रहेगा और बहता रहेगा। शिवना नदी के सौंदर्यीकरण व शुद्धिकरण के लिए एपको ने 100 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को भेजा था। इस प्रस्ताव में बाद में कुछ बढोतरी भी भी हुई हैं। बाद में केंद्र सरकार ने 108 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। शिवना शुद्धिकरण की राशि आने की सूचना के बाद कलेक्टर गौतमसिंह के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन मंत्री आदित्य सोनी, सीएमओ प्रेमकुमार सुमन व इंजीनियरों की टीम ने शिवना नदी के आस-पास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। अब यहां से जल्द ही गहरीकरण किया जाएगा तथा गाद निकाली जाएगी। इस दौरान टीम ने यह भी चिन्हाकिंत किया था कि किन स्थानों पर गहरीकरण किया जा सकता है।

अभी सौंदर्यीकरण, पौधारोपण व अन्य कार्य नहीं होंगे

केंद्र सरकार शिवना, चंबल व अन्य नदियों को गंगा बेसिन में ही मानती हैं। क्यों कि शिवना नदी चंबल में मिलती हैं और चंबल उप्र में जाकर यमुना में मिलती हैं, यमुना नदी प्रयागराज में गंगा में मिलती हैं। इन नदियों के साफ व स्वच्छ रहने से ही गंगा नदी में भी साफ रहेगी। इसके चलते ही केंद्र सरकार ने गंगा क्लीन योजना के तहत ही शिवना नदी के शुद्धिकरण हेतु 108 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की है। हालांकि अभी 30 करोड़ रुपये ही मिलने के कारण एपको के अधिकारियों सौंदर्यीकरण, नदी के दोनों किनारों पर पौधारोपण व अन्य कार्य नहीं करते हुए केवल सीवरेज लाइन बिछाने व छोटा तालाब बनाने का निर्णय लिया है।

-शिवना नदी शुद्धिकरण की योजना को मंजूरी दिलाने के लिए लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में थे। अब गंगा क्लीन योजना के तहत इसकी राशि मंजूर कर दी गई है। पहले चरण में 30 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही जमीन पर कार्य दिखने लगेगा।-हरदीपसिंह डंग, पर्यावरण मंत्री

-शिवना नदी की सफाई होना जरुरी है। यह पवित्र स्थल है शिवना की स्थिति पर अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को गौर करना चाहिए। और अच्छी योजना बनाकर नदी का शुद्धिकरण करना चाहिएं।-सूरजमल भाटी

- सबसे पहले नदी में जितने भी गंदे नाले मिल रहे हैं उन्हें रोकना चाहिए। इससे नदी का पानी बदबू मार रहा है साथ ही मछलियां भी मर रही है।- गौरव बैरागी

-कास्तकार रेस्टोरेंट के पीछे से मुक्तिधाम तक शिवना नदी बहुत ज्यादा प्रदूषित हो चुकी है। नदी अब नाले की तरह दिखने लगी है शिवना को साफ रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते हैं तो नदी आज इतनी प्रदूषित नहीं होती है।- रामसिंह भाटी

- नदी की दुर्दशा देखकर मन दुखा है जिस तरह पशुपतिनाथ मंदिर की खूबसूरती बढ़ी है। उसी तरह अब शिवना नदी की सुंदरता पर भी ध्यान देना चाहिएं। -महेंद्रसिंह परिहार

-लोग पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने से पहले घाट पर स्नान करते हैं लेकिन पानी इतना गंदा हो चुका है कि अब इसमें स्नान तो दूर,लोग निकलने से भी कतराने लगे हैं ,शिवना शुद्ध रहेगी तो मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ेगी।-पवनसिंह पंवार

Posted By: Nai Dunia News Network

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