पिपलियामंडी। कृषि उपज मंडी में सोमवार को उपज की बंपर आवक हुई। अधिक आवक होने से शाम तक मंडी के बाहर उपज से भरे वाहनों की कतार लगी हुई थी। मल्हारगढ़ उप मंडी में सोयाबीन की आवक अधिक होने कार्य के लिए हम्मालों की कमी के कारण व्यापारियों ने नीलामी बंद कर दी। मंडी प्रभारी सचिव बीएस बोराना ने बताया कि पिपलिया कृषि उपज मंडी में सोमवार को करीब दस हजार बोरी उपज की आवक हुई, किसानों को लहुसन के दाम 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मिले। मंडी खुलते ही राजस्थान सहित रतलाम, धार व इंदौर क्षेत्र के किसान भी लहसुन लेकर आ रहे है।

उपमंडी मल्हारगढ़ में सोमवार को करीब 800 बोरी सोयाबीन की आवक हुई। किसानों को सोयाबीन के दाम 6400 रुपये तक मिले। नीलामी के बाद सोयाबीन को व्यापारियों के गोदामों तक पहुंचाने के लिए मंडी में हम्मालों की कमी के कारण बिकी हुई सोयाबीन शाम तक व्यापारियों के गोदामो तक नहीं पहुंच पाई। व्यापारियों का कहना है कि जो उपज खरीदी है उसे गोदामों तक आने में रात हो जाएगी। इसके कारण मल्हारगढ़ उपमंडी के व्यापारियो ने नीलामी रोक दी है। करीब 400 बोरी सोयाबीन मंडी में रह गई, जिसकी नीलामी मंगलवार को होगी।

आर्य समाज परिसर में योग क्लास प्रारंभ

मंदसौर। आमजन की विशेष मांग पर आर्य समाज परिसर में निशुल्क योग प्रशिक्षण की तीसरी क्लास सोमवार से प्रारंभ की गई है। इसमें सभी उम्र के लोग शामिल हुए। योग गुरू बंशीलाल टांक प्रशिक्षण दे रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नेहिल डांगी ने बताया कि पहले से सुबह छह से सात बजे तक व आनलाइन सुबह सात से आठ बजे तक क्लास जारी हैं। अब लोगों की मांग पर सुबह आठ से नौ बजे तक एक और योग क्लास आर्य समाज परिसर में प्रारंभ हुई है। योग गुरु बंशीलाल टांक द्वारा पुरूषों, महिलाओं और बच्चों को योग व आसन सिखाएं जा रहे हैं।

दिन भर बंद-चालू होती रहती है बिजली

शामगढ़(नईदुनिया न्यूज)। नगर में लंबे समय से विद्युत व्यवस्था चरमरा रही है। कंपनी द्वारा मेंटेनेंस के बावजूद बिजली पल-पल में बंद चालू हो रही है। प्रतिदिन दिनभर में 25 से 30 बार बिजली बंद-चालू होना आम बात हो गई है। तेज गर्मी एवं बिजली की लुका-छुपी से आमजन खासे परेशान है। जनरल स्टोर्स व्यवसायी कैलाश मुजावदिया ने कहा कि कंपनी द्वारा हर दिन थोड़े थोड़े से अंतराल में बिजली बंद होने से काफी परेशान हो गए है। कोरोना के चलते व्यवसाय चौपट हो गया है। अब बिजली से परेशानी हो रही है। वार्ड नंबर एक के गजेंद्रसिंह राठौर ने बताया कि बिजली पल-पल में बंद होने से विद्युत उपकरणों के जलने का अंदेशा बना रहता है। बंद के दौरान कार्यालय में ना तो जिम्मेदार कोई जवाब देते है ना कोई फोन उठाते हैं। इस मामले में मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी शामगढ़ के सहायक यंत्री हेमंतसिंह चंद्रावत ने कहा कि तकनीकी व व अन्य कारणों से बिजली बंद होती है। बिना वजह कभी भी बिजली बंद नहीं होती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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