मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मंदसौर जिले भर में टीके को लेकर जागे उत्साह से हर सेंटर पर भीड़ जमा हो रही है पर उस लिहाज से टीकों के डोज उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरूवार को 55 सेंटर पर कोविशील्ड वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज मिलाकर लगभग 9600 डोज लगाई गई, वहीं कोवैक्सीन की दूसरे डोज की पूर्ति के लिए 700 डोज लगाई गई। अभी कोवैक्सीन की पहली डोज नहीं लगाई जा रही है। लोगों में जागरूकता इस तरह बढ़ी है कि मल्हारगढ़ के स्वास्थ्य केंद्र पर महिलाएं बुधवार रात में ही आकर सो गईं। चप्पल, जूते, आधार कार्ड से नंबर लगाकर लोग रातों में ही वैक्सीन सेंटर पर पहुंच गए थे। ग्रामीण क्षेत्र में लोग सेंटर पर कम डोज भेजने से भी नाराज हैं। जितने लोगों को डोज लगते हैं, उससे दुगने निराश होकर वापस जा रहे हैं।

जिले में वैक्सीन लगाने के लिए दो तरह की व्यवस्था चल रही है। इसमें मंदसौर शहर में वैक्सीेन लगवाने के लिए पहले से आनलाइन स्लाट बुकिंग जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले टोकन वितरण के बाद टीके लगते हैं। गुरूवार को भी मंदसौर शहर के सात सेंटर पर 2500 डोज लगाई गई। इसमें 1800 डोज कोविशील्ड की लगाई गई, वहीं कोवैक्सीन की 700 डोज केवल दूसरी डोज वालों को लगाए गए। जिले के 56 सेंटर पर 9600 डोज कोविशील्ड की लगाई ग.ई। लोगों के उत्साह के आगे यह वैक्सीन दोपहर में ही खत्म हो गई। अभी भी जिले में कोवैक्सीन के दूसरी डोज के लिए लगभग सात हजार से अधिक लोग भटक रहे हैं।

बुधवार रात 11 बजे से अस्पताल में आकर सो गईं महिलाएं

मल्हारगढ़। कोरोना वैक्सीन के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। वैक्सीन कम आ रही हैं। मल्हारगढ़ में गुरुवार के लिए केवल 200 डोज मिले थे। इसके लिए बुधवार शाम छह बजे से ही लोग अस्पताल में टोकन लेने आ गए। रात 11 बजे 200 से अधिक लोग आ गए। भीड़ होने पर थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव ने अस्पताल आकर लोगों को अस्पताल से बाहर किया। उसके बावजूद लोग अस्पताल के बाहर डटे रहे। रात में महिलाएं अस्पताल में सो गईं व कई लोग चप्पल-जूते लाइन में लगाकर सो गए। वैक्सीन के लिए लोगों ने अस्पताल में ही रतजगा किया। गुरुवार सुबह अस्पताल के बाहर से नारायणगढ़ चौराहे तक लाइन पहुंच गई। 400 से अधिक पुरुष व 200 से अधिक महिलाएं लाइन में थीं, लेकिन महिलाओं व पुरुषों को केवल 100-100 टोकन मिले। रात में दो बजे आने वालों को भी टोकन नहीं मिले। काफी लोग निराश होकर लौट गए। प्राथमिक स्कूल में 200 लोगों को टीका लगाया गया। ग्रामीण मुकेश प्रजापत ने बताया कि अलसुबह तीन बजे लाइन में खड़े हुए थे, लेकिन टोकन नहीं मिला। वैक्सीन बढ़ाना चाहिए। विकास वर्मा ने कहा कि वैक्सीन की सूचना शाम को आ जाती है तो रात में ही टोकन वितरण होना चाहिए। वैक्सीन की सूचना एक दिन पहले चार बजे तक मिल जाती है। उसके बाद लोग रात को ही अस्पताल में आ जाते हैं। प्रशासन को रात में ही टोकन वितरित कर देना चाहिए। लोगों को अस्पताल में रात नहीं बिताना पड़े और सुबह भी लंबी लाइनें नहीं लगें।

भटूनी में 220 लोगों को लगाया टीका

गरोठ। तहसील में वैक्सीन का कार्य लगातार जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 22 जुलाई को ग्रापं भटूनी में कोरोना वैक्सीन लगाया गया। सुबह सात बजे टोकन वितरण किए गए। दोपहर दो बजे तक 220 नागरिकों को वैक्सीन लगा दी गई। कोरोना टीकाकरण में ग्रापं, आंगनबाड़ी और मप्र जन अभियान परिषद के कोरोना वालिंटियर विनोद भास्कर सहित अन्य वरिष्ठों ने सहयोग किया।

पहले फोन लगाकर बुलाते थे, अब उमड़ रहे लोग

गांधीसागर (नईदुनिया न्यूज)। गुरुवार को गांधीसागर सेक्टर तीन स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर 18 प्लस एवं 45 प्लस के प्रथम एवं द्वितीय डोज के 200 टीके लगाए गए। मगर सुबह छह बजे से 07ः30 बजे तक करीब 350 से अधिक महिला-पुरुष लाइन में लग चुके थे। सुबह 8ः30 बजे से 200 टोकन वितरित कर दिए गए। शेष लाइन में लगे लोग निराश होकर लौट गए। इसके पूर्व भी गांधीसागर सेक्टर आठ एवं सेक्टर तीन पर कोरोना वैक्सीन डोज के केंद्र बनाए गए थे। उस वक्त वैक्सीन लगवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को फोन लगा-लगाकर बुलाया था। तब भी लोग वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंचे थे। अब स्थिति यह हो रही कि लोग निराश होकर वापस लौट रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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