मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अधिवक्ता परिषद जिला इकाई द्वारा केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर मनोज पुष्प को सौंपा। इसमें अभिभाषकों के लिए पारिवारिक चिकित्सा बीमा योजना लागू करने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा कि कोविड-19 ग्लोबल महामारी के कारण, अदालतों के सामान्य कामकाज में मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह से रुकावट आ गई थी और तब से अब जाकर स्थिति में सुधार हुआ है।

कोविड-19 महामारी के कारण विशेषकर ट्रायल कोर्ट के वकील सबसे र्प्रभावित व्यक्तियों में से हैं। केंद्र सरकार ने निसंदेह, आमजन के लिये कई कल्याणकारी उपायों की शुरुआत की है। हालांकि वकीलों द्वारा इस तरह की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक या अन्य किसी कारणों से प्राप्त नहीं कर सके हैं। पूरे देश में वकीलों के लिए कोई भी केंद्रीय कल्याण योजना नहीं है और न ही पीएफ या ईएसआई योजनाओं का कवरेज है। कुछ राज्य सरकार ने अपने संबंधित राज्यों में कल्याण निधि योजनाओं की शुरुआत की हैं लेकिन यह बहुत कम है। 24-26 दिसंबर 18 को लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय सम्मेलन में एक प्रस्ताव पारित किया था और केन्द्र सरकार से मांग की थी कि पूरे भारत में वकीलों के लिये परिवार बीमा योजना बनाकर लागू की जाएं। वकीलों के हित के लिऐ परिवार चिकित्सा बीमा योजना लागू किया जाए। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद जिलाध्यक्ष राजेंद्रसिंह देवड़ा, महामंत्री भगवतीलाल शर्मा, प्रफुल्ल युजर्वेदी, सुरेंद्रसिंह सिसौदिया, अंशुल बैरागी, अरविंद सारस्वत, आशीष गौड़, रघुवीरसिंह पंवार, ललित माखीजा, आशुतोष पालीवाल, मयंक मावर, गोपाल कुमावत, राजेंद्र तरवेचा, शैलेन्द्र अग्रवाल, जुगलकिशोर मालवीय, देवेन्द्र मरच्या, सुरेन्द्रपालसिंह राठौर, भैरूलाल कुमावत आदि उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags