मंदसौर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मृत्यु दर को कम करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय एक योजना प्रारंभ की है। इसके तहत सड़क दुर्घटना में गंभीर घायलों को बचाने वाले को नेक व्यक्ति प्रोत्साहन अवार्ड दिया जाएगा। इसके तहत जिले में पांच हजार रुपये तथा दिल्ली में एक लाख रुपये का पुरस्कार व प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा।

अभी तक स्थिति यह है कि पुलिस की पूछताछ व बाद में गवाही देने आने जाने के डर से सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए हर कोई तैयार नहीं होता है। लोगों को घायलों की मदद के लिए प्रेरित करने के लिए ही यह योजना तैयार की गई है। साथ ही लोगों में पुलिस के प्रति भय भी होगा। किसी भी दुर्घटना में शुरुआती एक घंटा महत्वपूर्ण होता है इसे गोल्डन आवर भी कहते हैं। इस समय में घायलों को उपचार मिलने से उनके बचने की संभावना बढ़ जाती है। एडीजी पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान जी. जनार्दन ने बताया कि सड़क दुर्घटना में गंभीर घायलों को अस्पताल लेकर आने वाले व्यक्ति के बारे चिकित्सक पुलिस को सूचित करेंगे। पुलिस अधिकारी संबंधित का पता, घटना का विवरण, मोबाइल नंबर निर्धारित प्रारूप में लिख एक प्रति संबंधित व्यक्ति और दूसरी प्रति जिलास्तरीय अप्रेजल कमेटी को भेजेंगे। संबंधित द्वारा सीधे पुलिस को सूचना देकर गंभीर घायल को अस्पताल ले जाते हैं तो पुलिस द्वारा निर्धारित प्रारूप में लिखकर एक प्रति संबंधित व दूसरी प्रति जिला अप्रेजल कमेटी को भेजी जाएगी।

जिले में बनेगी एक समिति

ऐसे प्रकरणों को परीक्षण करने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला अप्रेजल कमेटी बनेगी। इसमें पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला परिवहन अधिकारी भी सदस्य रहेंगे। समिति सड़क दुर्घटना में गंभीर घायलों को अस्पताल ले जाने वाले नेक व्यक्ति को नकद प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र देगी।

गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने का उद्देश्य

योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में गंभीर घायलों को गोल्डन आवर में जान बचाने के लिए अस्पताल, ट्रामा केयर सेंटर तक पहुंचाना है। गंभीर घायलों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले सभी लोग अवार्ड के पात्र होंगे। गोल्डन आवर अर्थात दुर्घटना होने के एक घंटे में गंभीर घायल व्यक्ति को मरने से बचाने के लिए चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराना। योजना में पांच हजार रुपये नकद एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। सड़क दुर्घटना में एक से अधिक व्यक्ति की जान बचाते हैं तो प्रोत्साहन राशि समान रूप से बांटी जाएगी। वहीं दुर्घटना में एक से अधिक लोगों द्वारा गंभीर घायलों को अस्पताल पहुंचाकर जान बचाई जाती हैं तो हर व्य क्ति को 5-5 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र दिये जाएंगे।

इस तरह काम करेगी समिति

जिला अप्रेजल कमेटी पुलिस थाना, अस्पताल से जानकारी मिलने पर नेक व्यक्ति अवार्ड के लिए निर्णय लेगी। चयनित प्रकरणों की सूची राज्य परिवहन आयुक्त को भेजी जाएगी। राज्य परिवहन आयुक्त सीधे नेक व्यक्ति के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि जमा कराएंगे। परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सभी राज्यों से उत्कृष्ट तीन-तीन प्रकरण प्राप्त कर परीक्षण करेंगे। और देश भर में 10 प्रकरण चयनित कर प्रत्येक व्यक्ति को एक-एक लाख रुपये, प्रशस्ति-पत्र एवं एक ट्राफी देकर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में देकर सम्मानित किया जाएगा। योजना 15 अक्टूबर से लागू हो गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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