मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना की दूसरी लहर के बाद पहली बार अनंत चतुर्दशी पर गणेश जी की मूर्तियों के विसर्जन के लिए लोगों को एकत्र होने की अनुमति मिली। इसके चलते रविवार को गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे की धूम रही। दस दिन से पंडालों और घरों में विराजित गणपति बप्पा रविवार को बाहर निकले। भक्तों ने भी धूमधाम से विदाई दी। साथ ही प्रार्थना भी की कि जल्द ही कोरोना महामारी से निजात मिले। नपा ने शहर में 17 जगह से मूर्तियां एकत्र कर दौलतपुरा की बंद स्लेट पेंसिल खदानों में विसर्जित की।

शहर सहित जिलेभर में रविवार को अनंत चतुर्दशी का उल्लास छाया रहा। मंदसौर में प्रमुख विर्सजन स्थल शिवना नदी के किनारे महादेव घाट, मुक्तिधाम पुलिया, रामघाट, कालाभाटा बांध, तेलिया तालाब पिकनिक स्पाट सहित सभी जगह सुबह से ही गणेश मूर्तियां एकत्र करने के लिए नपा कर्मचारी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे। दोपहर बाद शुरू हुए छोटे-छोटे विसर्जन जुलूस देर रात तक चलते रहे। गणेशजी की मूर्तियों को विदाई देने के लिए आए युवक-युवतियों, बच्चों व बड़ों ने जमकर नृत्य भी किए। अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना करते हुए मूर्तियों को विसर्जित किया। कोरोना महामारी के कारण इस साल कम ही पंडाल लगे थे फिर भी विसर्जन के लिए भक्तों के समूह में पूरा उत्साह छाया रहा। घरों में विराजित गणेशजी की आरती के पश्चात कई परिवारों ने ढोल-ढमाके के साथ गणेशजी को विदाई दी। आटो, मोटरसाइकिल, कार आदि वाहनों से मूर्तियों को जलाशयों पर ले जाकर नगर पालिका द्वारा निर्धारित स्थान पर रखा। कुछ भक्तों ने गुपचुप शिवना नदी व तेलिया तालाब में मूर्तियों को विसर्जित किया। सुबह से ही भक्त पशुपतिनाथ शिवना घाट, मुक्तिधाम स्थित छोटी पुलिया, कालाभाटा व तेलिया तालाब पहुंचे। मूर्ति विसर्जन को जलाशयों में रोकने के लिए नपा ने सभी जगह कर्मचारियों एवं पुलिस प्रशासन द्वारा महिला व पुरुष पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई थी। साथ ही गांधी चौराहा सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर टेंट लगाकर नपा द्वारा भक्तों से मूर्तियों एकत्र की गई। लोगों ने भी मूर्ति का विसर्जन नहीं करते हुए बप्पा को पानी में स्नान कराकर नपा कर्मचारियों को सौंप दिया।

फूलमालाओं से सजाई झांकी

झार्डा। गांव झार्डा में अनंत चतुर्दशी पर कई गांवों से ढोल-ढमाकों के साथ झांकियां निकाली गई। विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात गणेशजी की झांकी फूलमालाओं से सजाई गई। फिर झांकियां निकलीं। झार्डा के आसपास की सभी गणेश मूर्तियां रेतम नदी में विसर्जित की गईं। नदी किनारे कई जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। ग्राम किशनगढ़, फतेहपुर, कित्तुखेड़ी, गोपालपुरा, झार्डा, हरमाला, बोरखेड़ी सहित अन्य गांवों से आए लोगों ने गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया।

पिपलियामंडी। नगर में गणेश विसर्जन कार्यक्रम धूमधाम से हुआ। नगर परिषद ने चयनित स्थानों पर मूर्तियं एकत्रित कर विधि-विधान से विसर्जन किया। कृषि उपज मंडी बालाजी मंदिर परिसर में गार्लिक फ्रेंड्स ग्रुप द्वारा स्थापित मूर्ति को फूलों से सजाई ट्रैक्टर-ट्राली में विराजित कर व्यापारी नाचते हुए निकले। टोनी अग्रवाल, कमलेश हरजानी अनिल मूंदड़ा ने बताया गाडगिल डेम भैंसासरी माता मंदिर पर आरती के पश्चात विसर्जन होगा। नगर परिषद द्वारा नगर के विभिन्ना स्थानों पर गणेश मूर्तियों के संग्रहण के लिए स्टाल लगाए थे। शाम तक बस स्टैंड, टीलाखेड़ा बालाजी, सब्जी मंडी गणेश मंदिर, अयोध्या बस्ती शीतला माता मंदिर आदि जगहों पर लगभग 300 मूर्तियों को एकत्र कर नप के वाहन से कनघट्टी मार्ग पर महाविद्यालय के समीप खोखरा के तालाब में विसर्जन किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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