बड़े नेताओं के बिन हो गया चुनाव प्रचार, आज से बंद होगा शोरगुल

दोनों दलों ने पत्र जारी कर बताए अपने-अपने संकल्प

मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चुनाव प्रचार के दौरान पहले कांग्रेस और फिर भाजपा ने भी अपना-अपना संकल्प पत्र जारी किया है। जिसमें दोनों दलों ने बताया है कि उनके दल की परिषद बनती है तो वे शहर विकास के लिए क्या-क्या काम करेंगे, लेकिन इस बार शहर का सबसे बड़ा मुद्दा अवैध कालोनियों को वैध करवाने के लिए चर्चा नहीं हुई है, जबकि पिछले दो चुनावों में अवैध कालोनियों को वैध करने का मुद्दा पूरे चुनाव छाया रहा था। अवैध कालोनियों को वैध करने के लिए 2018 में कुछ हलचल भी हुई थी, इसके बाद बात आगे नहीं बढ़ी और अवैध कालोनियां वैध नहीं हो पाई। शहर में 50 से अधिक अवैध कालोनियां हैं।

नगरपालिका चुनाव में प्रचार-प्रसार का आज अंतिम दिन है। इसके बाद छह जुलाई का मतदान होगा। इस बार नपा चुनाव स्टार प्रचारकों और बड़े नेताओं की उपस्थिति के बिना ही पूरा हो रहा है। प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के कोई भी बड़ा नेता अपने उम्मीदवारों के पक्ष में सभा, रैली, रोड शो या जनसंपर्क करने नहीं आये है। राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं ने चुनाव प्रचार किया ओर जनता से आशीर्वाद मांगा है। अवैध कालोनियों को वैध करने पर प्रचार में भी वादा नजर नहीं आया है। अब आज शाम को प्रचार का शोरगुल थम जाएगा। इस बार नपा चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होने के चलते वार्डों में भी मुद्दे कम और मंथन ही अधिक नजर आया है। दोनों दलों ने संकल्प पत्रों में शहर में सड़कें, पेयजल व्यवस्था, बगीचों में सुंदरता बढ़ाने सहित कई संकल्प लिए है। सबसे बड़ा मुद्दा अवैध कालोनियों के संबंध में पूरजोर संकल्प नहीं हुआ। कांग्रेस ने संकल्प पत्र में नियमानुसार कालोनियों को वैध करने की बात जरूर कहीं है। यहीं संकल्प 2011 के चुनाव में भाजपा ने भी लिया था। अवैध कालोनियां वैध न होने के कारण विकास में भी पिछड़ रही है। मूलभूत सुविधाएं भी धीमी गति से पहुंच रही है। अभी भी कई अवैध कालोनियों में सड़क, नालियों की हालत खराब है। जबकि जनवरी 2011 में हुए नगरपालिका चुनाव में सीएम शिवराजसिंह चौहान ने मंदसौर में रोड शो के दौरान अवैध कालोनियों को वैध करने की घोषणा भी की थी। इसके बाद अवैध कालोनियों को वैध करने की प्रक्रिया लगातार उलझती ही रही और अभी भी शहर में 50 से अधिक अवैध कालोनियां है।

2018 में जगी थी अवैध कालोनियों के वैध होने की उम्मीद

शहर में अवैध कालोनियों में रहने वाले लोगों के लिए 2018 में एक राहत की खबर आई थी। भोपाल स्तर पर हुई प्रक्रिया के बाद कहा गया था कि 30 दिनों में शहर की सभी अवैध कालोनियों को वैध घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। इसके लिए गाइड लाइन भी तय हो गई थी। भोपाल में नगरीय प्रशासन विभाग ने इसके लिए प्रक्रिया प्रारंभ की थी। लेकिन बाद में किन्हीं कारणों से अवैध कालोनियों को वैध करने का मामला अटक गया। जबकि कालोनियों को वैध करने की गाइडलाइन में बताया था कि 31 मई 2016 के पहले काटी गई अवैध कालोनियां वैध की जाएंगी। इसके बाद अगर कोई अवैध कालोनी काटी गई है तो उस कालोनाइजर को चार साल तक के कठोर कारावास की सजा देने का प्रावधान भी किया गया था।

यें हैं अवैध कालोनियां

पटेल नगर (गुर्जर व सिंधी कालोनी भी सम्मिलित), जैन कालोनी संजीत रोड, मीरा कालोनी, सत्यसांई कालोनी, मयूर कालोनी, शुभम नगर नाहर सैयद, गुलमोहन कालोनी, पारख कालोनी, नाहर सैयद कालोनी, चंद्र कालोनी, रोशन कालोनी, अरोरा कालोनी, नेमी नगर, महावीर नगर गीताभवन रोड, कोठारी नगर, नूर कालोनी, अनुपम नगर, कोठारी नगर पार्ट-1-2-3-4, संजय हिल्स-1, संजय हिल्स-2, राजीव नगर, इंदिरा नगर, राज कालोनी, रितुराज कालोनी, नारायण नगर, लक्ष्‌मी नगर, कल्पना नगर, तिलक नगर, माली कालोनी, पाटील कालोनी, प्रजापत कालोनी, प्रजापत कालोनी अंकुर अपार्टमेंट के पास, कुमार कालोनी, चौधरी कालोनी, जनता कालोनी स्टेशन रोड, पारख कालोनी स्टेशन रोड, प्रेम कालोनी, एकता कालोनी, उदपुरा कालोनी, सुदर्शन कालोनी, बसंत विहार, खत्री कालोनी, हाजी कालोनी मदारपुरा रिंगवाल के पास, देतवार कालोनी, मुडेल कालोनी, सत्यनारायण कालोनी, जाजपुरिया कालोनी, जमीदार कालोनी, चंदेल पटवारी वाली गली अवैध, नंदराम कालोनी, मोतियाखाई हीरा की बगीची के पास, बैरागी नगर एवं कैलाश नगर।

Posted By: Nai Dunia News Network

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