मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एक साल पहले घर से गायब हुई युवती व उसके स्वजनों ने अपहरण और दुष्कर्म का आरोप लगाया है। युवती का अपहरण कर बड़नगर व अन्य क्षेत्रों में रखा गया। कुछ समय के बाद युवती अपहरणकर्ताओं के चंगुल से जैसे-तैसे निकलकर मंदसौर आई। इसके बाद स्वजनों को अपने साथ हुई घटना के संबंध में जानकारी दी। युवती ने वायडी नगर थाने में शिकायत की। लेकिन युवती व उसके स्वजनों का कहना है कि पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। इससे परेशान युवती व उसके स्वजन शनिवार को गांधी चौराहा पर धरने पर बैठ गये। यहां पर उन्होंने आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की।

शनिवार को गांधी चौराहा पर धरने पर बैठी पांच सौ क्वाटर निवासी युवती व उसके स्वजनों ने बताया कि 17 जुलाई 2020 को बरखा बैरागी ने बहाने से मुझे अपने घर बुलाया और फिर बरखा बैरागी और पारख कॉलोनी निवासी प्रवीण बैरागी मेरा अपहरण कर ले गये। युवती ने बताया कि अपहरणकर्ता बड़नगर ले गये जहां दुष्कर्म किया गया। इसके बाद उसे उज्जैन व अन्य जगह भी ले गये। यहां से बरखा बैरागी, प्रवीण बैरागी और कृष्णदास बैरागी डुंगरपुर जिले के सागवाड़ा ले गए। युवती का आरोप है कि यहां उन्होंने उसे पांच लाख रुपये में बेच दिया। युवती ने बताया कि महिपाल खटीक नामक व्यक्ति ने कई दिनों तक दुष्कृत्य किया। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। इसी दौरान युवती इसी साल अगस्त माह में ग्राम ओबरी में महिपाल के घर से भागने की कोशिश की, इस दौरान उसे पकड़ लिया। इसके बाद 24 सितंबर को मौका मिलते ही युवती ने अपनी बहन को जानकारी दी। इसके बाद वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से निकलकर आ गई। युवती व उसके स्वजनों ने आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की है। इसी मांग को लेकर युवती व उसके स्वजनों ने गांधी चौराहा पर धरना दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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