नीमच (नईदुनिया प्रतिनिधि)। न्यायालय ने नाबालिक का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित भी किया है। यह फैसला न्यायाधीश विवेक कुमार श्रीवास्तव ने सुनाया है।

विशेष लोक अभियोजक जगदीश चौहान ने बताया कि पीड़िता 17 वर्ष की होकर ग्राम जमुनिया कला में रहती हैं। पूर्व में वह दशहरा मैदान स्थित शासकीय कन्या विद्यालय में पढाई करने हेतु बस से नीमच आती-जाती थी। आरोपित बस स्टैंड स्थित आटो पार्टस की दुकान पर नौकरी करता था। जिससे पीड़िता की आते-जाते पहचान हो गई थी। आरोपित द्वारा पीड़िता को बहला फुसला कर एक मोबाईल दे दिया था। जिससे वह पीड़िता से बात करता था। घटना 9 अक्टूबर 2019 को पीड़िता घर से सिलाई सीखने का बोलकर गई थी जो करीब चार घंटे के बाद भी वापस नहीं आई तो पीड़िता के परिवार वालों ने सिलाई सीखाने वाले टेलर से पूछताछ की तो उसने बताया कि तीन दिन से छुटटी होने से पीड़िता उसके वहां नहीं आई। फिर पीड़िता के परिवार वालों ने पीड़िता की आसपास व रिश्तेदारी में तलाश की। लेकिन वह नहीं मिली व इसी दौरान पीड़िता की माता की तबीयत खराब होने से पीड़िता के मामा ने 11 अक्टूबर को शंका के आधार पर आरोपित के विरूद्ध थाना नीमच सिटी में प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई। जिस पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान 14 अक्टूबर को पुलिस द्वारा हुसैन टेकरी दरगाह के बहार जावरा रतलाम से पीड़िता को दस्तयाब किया व आरोपित को गिरफ्तार किया गया। पीड़िता द्वारा पुलिस को बताया गया की घटना दिनांक को आरोपित ने मोबाईल से उसे भाटखेडा बुलाया। लेकिन जब पीड़िता द्वारा इंकार किया गया तो आरोपित द्वारा धमका दी गई कि अगर नहीं आई तो वह उसके मा-बाप व उसको मार डालेगा। डर के कारण पीड़िता भाटखेडा गई। जहां से आरोपित उसे जावरा से होते हुए अजमेर राजस्थान के होटल गुलाब पैलेस में ले गया। जहां आरोपित द्वारा पीड़िता से दुष्कर्म किया गया। फिर वह पीड़िता को वापस जावरा लेकर आया। जहां से पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आवश्यक विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां विवेक कुमार श्रीवास्तव विशेष न्यायाधीश द्वारा 17 वर्षीय नाबालिक बालिका का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपित 20 वर्षीय गुलाम हुसैन पुत्र कल्लू खां कुरैशी निवासी आंबेडकर नगर खारीकुंआ लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं कुल 20 हजार रुपये से जुर्माने से दंडित किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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