मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। न्यायालय मंदसौर एवं तहसील न्यायालय गरोठ, भानपुरा, नारायणगढ़, सीतामऊ में एक साथ लोक अदालत लगी। लोक अदालतों में रखे गये मामलों का निराकरण करने के लिये अलग-अलग स्टॉल लगाये गये। सुबह से शाम तक लोक अदालत में जिले में 670 मामलो का निराकरण हुआ, इन मामलों में करीब साढ़े तीन करोड़ का अवार्ड पारित हुआ है। इसी तरह नगर पालिका में भी कर जमा करने के लिये लोगों की दिनभर भीड़ लगी रही।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर अजीतसिंह के मार्गदर्शन में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर अजीतसिंह, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय कु. नीता गुप्ता, अध्यक्ष अभिभाषक संघ रघुवीरसिंह पंवार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव हर्षसिंह बहरावत द्वारा लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। नेशनल लोक अदालत के आयोजन के लिये जिले में कुल 26 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया था।

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कोर्ट में लंबित 7200 मामले रखे गये थे लोक अदालत में

नेशनल लोक अदालत में कोर्ट में लंबित 7200 लंबित मामले निराकरण के लिए रखे गए थे। जिसमें से कुल 394 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें कुल तीन करोड़ 12 लाख 79 हजार 776 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार कुल 3831 प्रीलिटिगेशन रखे प्रकरण में से 276 प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें 36 लाख 24 हजार 72 रुपये राशि की वसूली की गई। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण 31 निराकृत किए गए, जिसमें एक करोड़ छह लाख 90 हजार 500 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। इस लोक अदालत में धारा 138 के अंतर्गत चैक वाउंस के प्रकरण 176 निराकृत किए गए जिसमें एक करोड़ 41 लाख 47 हजार 114 रुपये का अवार्ड पारित किया गया।

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नगर पालिका को 36 लाख का राजस्व हुआ प्राप्त

नेशनल लोक अदालत में जलकर, सम्पत्तिकर सहित करो में छूट दी गई। इसी छूट का लाभ उठाते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने नगर पालिका पहुंचकर कर जमा करवाया। भीषण गर्मी के बावजूद नगर पालिका में जर्माकर्ताओं की भीड लगी रही। नपा के राजस्व अधिकारी दिनेश बघेरवाल ने बताया कि दिनभर में 560 लोगों ने जलकर एवं सम्पत्तिकर जमा करवाया है। इनसे करीब 36 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है।

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मनमुटाव से दूर हुए, समझाईश से फिर एक हो गये पति-पत्नी

दो वर्षो से अलग रह रहे पति-पत्नी को लोक अदालत ने मिलवाया

मंदसौर। लोक अदालत में एक बिछड़ा हुआ परिवार फिर से एक हुआ। जानकारी के अनुसार घरेलू विवाद में हुए मनमुटाव के चलते दो वर्ष पहले पति-पत्नी एक दूसरे से अलग हो गये थे। महिला अपने माता-पिता के यहां रहने लगी थी तथा उसके पुत्र का पालन पोषण मां द्वारा किया जा रहा था।

इस दौरान पत्नी द्वारा अपने पति के विरूद्ध जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर की सहायता से धारा 125 द.प्र.सं.भरण-पोषण का प्रकरण न्यायालय के समक्ष दायर किया। प्रकरण में पत्नी की ओर से विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अधिवक्ता भावना कुमावत एवं विपक्षी की ओर से अधिवक्ता शिवचरणसिंह देवड़ा व उनके सहयोगी अधिवक्ता उपस्थित हुए। उपरोक्त प्रकरण में पीठासीन खण्डपीठ अधिकारी प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय कु. नीता गुप्ता, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश रघुवीरसिंह चुण्डावत, हिम्मतसिंह सांखला द्वारा पति-पत्नी को समझाईश दी, समझाईश से पति-पत्नी मान गये और सभी बातों को भूलकर फिर से एक साथ रहने के लिये राजी हुए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीतसिंह, विशेष न्यायाधीश राजेन्द्रप्रसाद सोनी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर के सचिव हर्षसिंह बहरावत एवं अन्य न्यायाधीशगण उपस्थित रहे। सभी की उपस्थिति में पति-पत्नी एक होकर खुशी-खुशी अपने घर चले गये।

Posted By: Nai Dunia News Network

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