मेडिकल स्टोर पर जमा कराए 300 रुपए, मरीज देख रहे अस्पताल में

पहले भी ऑपरेशन के रुपए मेडिकल पर जमा कराने की मिल चुकी हैं शिकायतें, विधायक बोले- शिकायत मिलने पर आया तो सीएमएचओ कर रहे थे मरीजों का उपचार

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केप्शनः जिला चिकित्सालय में सीएमएचओ कक्ष के बाहर तहसीलदार को मामले की जानकारी देते विधायक सिसोदिया।.पंकज परमार

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केप्शनः जिला चिकित्सालय में सीएमएचओ कक्ष के बाहर उपचार के लिए बैठे मरीज।.पंकज परमार

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केप्शनः जिला चिकित्सालय में मरीजों के बयान लेते तहसीलदार नारायण नांदेड़ा।.पंकज परमार

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कैप्शनः जिला चिकित्सालय से जब्त की गई डॉक्टर के नाम लिखी पर्चियां। .पंकज परमार

मंदसौर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। गुरुवार को जिला चिकित्सालय में अजब ही तरीके का खेल देखने को मिला। जिला चिकित्सालय के बाहर स्थित एक मेडिकल स्टोर्स पर सीएमएचओ डॉ. एके मिश्रा से उपचार कराने के लिए 300 रुपए फीस जमा कर पर्चियां दी जा रही थीं। इधर विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने भी सूचना मिलते ही सीएमएचओ कार्यालय जाकर इस गोरखधंधे का खुलासा कर दिया। बाद में कलेक्टर ने भी तहसीलदार को भेजकर मरीजों के बयान कराए। विधायक का कहना है कि सीएमएचओ को कार्यालय में मरीज देखने की अनुमति ही नहीं है। इसके बाद भी वह देखें तो निशुल्क देखना चाहिए। पर बाहर मेडिकल स्टोर पर 300 रुपए फीस जमा कराने के बाद मरीज को यहां भेजा जा रहा है यह गलत है। अब इस पोल खोल अभियान को लेकर वह मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत करने को भी कह रहे हैं।

जिला अस्पताल के बाहर स्थित आशीष मेडिकोज के संचालक आशीष खिमेसरा ने अपने मेडिकल के पास ही एक दुकान में डॉ. एके मिश्रा व उनकी पत्नी के नाम पर चेंबर बना रखा है, जहां काफी लंबे समय तक डॉ. मिश्रा मरीजों को देख रहे थे। पर अब सीएमएचओ बनने के बाद से डॉ. मिश्रा ने वहां बैठना तो बंद कर दिया। और अब मेडिकल संचालक आशीष अपने यहां आने वाले मरीजों से 300-300 रुपए की फीस लेकर पर्ची देकर जिला चिकित्सालय में सीएमएचओ डॉ. मिश्रा के पास भेज रहा था। गुरुवार को भी करीब आठ मरीज सीएमएचओ कक्ष के बाहर बैठकर उपचार के लिए इंतजार कर रहे थे तभी विधायक यशपालसिंह सिसोदिया वहां पहुंचे और सीएमएचओ और मेडिकल संचालक की मिलीभगत से चल रहे कृत्य की पोल खोल दी। विधायक सिसोदिया ने सभी मरीजों से पर्चियां लेकर सीएमएचओ से पूछा कि यह क्या चल रहा है? यह सरकारी अस्पताल है और आप सीएमएचओ हैं? यहां उपचार निशुल्क होता है? बाहर मेडिकल पर रुपए लेकर उपचार कैसे किया जा रहा है? विधायक के इतने सवालों से घिरे सीएमएचओ कभी हाथ जोड़ते तो कभी धीमी सी आवाज में सिर्फ इतना ही कहते रहे कि मैं मरीज नहीं देख रहा हूं, यह सब घटनाक्रम कैसे हुआ मुझे नहीं पता। हालांकि विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने इस मामले में कार्रवाई के लिए कलेक्टर को पत्र लिखने और मुख्यमंत्री को भी अवगत कराने की बात कही है। साथ ही इस पूरे मामले में आशीष मेडिकोज के संचालक पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।

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मेडिकल स्टोर पर पर्ची बनती, एक लड़का लेकर आता था डॉ. मिश्रा के पास

शासकीय अस्पताल में भी फीस लेकर सीएमएचओ द्वारा किया जा रहा मरीजों के उपचार का मामला पूरे सिस्टम के तहत चल रहा था। जिला अस्पताल के बाहर स्थित आशीष मेडिकोज पर पहुंचने वाले मरीजों से 300 रुपए लेकर एक पर्ची दी जाती है जिस पर डॉ. मिश्रा का नाम भी अंकित है फिर उपचार के लिए मरीजों को मेडिकोज से ही एक युवक जिला अस्पताल में पहली मंजिल पर स्थित सीएमएचओ डॉ. एके मिश्रा के कार्यालय तक लेकर आता है। गुरुवार को दोपहर में सीएमएचओ कक्ष के बाहर चूपना निवासी कृष्णा डांगी, राजनगर निवासी रौनक डांगी, गल्याखेड़ी निवासी मधुबाला माली, मुकेश प्रजापति शामगढ़ एवं शकरखेड़ी निवासी अशोक राठौर सहित आठ मरीज बैठे थे। सभी के पास आशीष मेडिकोज पर बनी पर्चियां ही थीं।

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तहसीलदार ने लिए मरीजों के बयान

विधायक ने कलेक्टर मनोज पुष्प को शिकायत की तो उन्होंने तहसीलदार नारायण नांदेड़ा को भेजा। नांदेड़ा के पहुंचने पर विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने मरीजों की पर्चियां दीं। इसके बाद जिला अस्पताल में सीएमएचओ कक्ष के समीप बैठकर तहसीलदार नांदेड़ा ने करीब दो घंटे तक मरीजों के बयान लिए। मरीजों ने बताया कि हमें नहीं पता था कि उपचार कौन कहां कर रहा है? आशीष मेडिकोज से हमें एक लड़के के साथ यहां भेज दिया और हम यहां आ गए।

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केप्शनः यशपालसिंह सिसौदिया

- जिला अस्पताल के बाहर आशीष मेडिकोज पर आने वाले मरीजों से 300 रुपए लेकर पर्ची बनाई जाती है। फिर एक लड़का मरीजों को लेकर सीएमएचओ डॉ. एके मिश्रा के पास उपचार के लिए जाता है। यह तो पूरी तरह से यह गोरखधंधा है। यह अक्षम्य अपराध है। जिला अस्पताल में मरीजों का उपचार निशुल्क होता है, लेकिन यहां के सीएमएचओ बाहर से निजी मेडिकोज से मरीज बुलाकर उपचार कर रहे हैं, यह उजागर हुआ है। मैं जब सीएमएचओ कक्ष पहुंचा तो यहां पर मरीज उपचार के लिए बैठे थे। उनके पास पर्चियां भी थीं। 15 मरीजों की पर्चियां मिली हैं। कलेक्टर को सूचना दी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी अवगत कराऊंगा। कलेक्टर को लिखित में दूंगा। मामले में जो भी जुड़े हुए हैं, सब पर कार्रवाई होना चाहिए।-यशपालसिंह सिसोदिया, विधायक।

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केप्शनः डॉ. एके मिश्रा

- मुझ पर विधायक ने आरोप जरूर लगाए हैं। पर्ची देखी हैं, लेकिन यहां मैं मरीज देख ही नहीं रहा हूं। जनवरी के बाद से अब तक मैंने आशीष मेडिकोज पर जाकर भी मरीज नहीं देखे हैं। मरीज को देखने के लिए आवश्यक सामग्री होती है, वह भी मेरे यहां पर नहीं है। बाहर से मरीज का आना और चिट्ठियां दिखाना यह सब कैसे हुआ मुझे कुछ नहीं पता। मैं इस संबंध में अपने स्तर पर कार्रवाई जरूर करूंगा।-डॉ. एके मिश्रा, सीएमएचओ।

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केप्शनः नारायण नांदेड़ा

- कलेक्टर के आदेश पर जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों के बयान लिए हैं। विधायक ने कुछ पर्चियां दी थीं जो मरीजों के पास से मिली थीं। मामले में आवश्यक लिखा-पढ़ी की गई है।-नारायण नांदेड़ा, तहसीलदार, मंदसौर।

Posted By: Nai Dunia News Network

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