मंदसौर। शहर में आरएसएस के पूर्व पदाधिकारी और विहिप के विभाग सह मंत्री युवराजसिंह चौहान की हत्या के मामले में पुलिस जांच में जुटी है। एसपी हितेश चौधरी ने आशंका जताई है कि हत्या केबल और अन्य व्यावसायिक विवादों के चलते हुई है। मास्टरमाइंड दीपक तंवर ने इस पूरे हत्याकांड की साजिश रची, अंकित तंवर ने गोलियां चलाईं और नागेश गोस्वामी ने गाड़ी चलाकर हत्याकांड में मदद की। छोटू उर्फ फैजान भी इनके साथ था। एसपी ने कहा कि पुलिस ने हत्याकांड से संबंधित पूछताछ के लिए 30 से 35 लोगों को हिरासत में लिया है। जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें अभी भी विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। मुख्य आरोपी सहित सभी बदमाश शीघ्र ही पुलिस की गिरफ्त में आ जाएंगे। हत्याकांड में परिजनों की रिपोर्ट पर दीपक तंवर, अंकित तंवर, नागेश उर्फ लाला, अनिल दरिंग, अरशद पिता अकील खां और फैजान पिता मुजफ्फर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने इन सभी आरोपियों के परिजन सहित दोस्त और महिला मित्रों को भी पूछताछ के लिए लाई है।

गौरतलब है कि बुधवार सुबह शहर के गीता भवन अंडरब्रिज पर युवराजसिंह चौहान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीन बदमाश बाइक पर सवार होकर वहां पहुंचे थे और पीछे से युवराजसिंह के सिर में गोली मार दी। गोली लगने के बाद जैसे ही वो नीचे गिरा, एक बदमाश बाइक से उतरा और फिर सीने में गोली मार दी। पुलिस इसे केबल वॉर से जोड़कर देख रही है।

इंदौर के संदीप तेल हत्याकांड में आया था युवराज का नाम

इंदौर में संदीप तेल हत्याकांड में आरोपित सुधाकर राव मराठा जेल में बंद है। मृतक युवराजसिंह चौहान लंबे समय से सुधाकर राव मराठा से जुड़े हुए थे और बताया जा रहा है कि सुधाकर के कई काम करते थे। इंदौर के संदीप तेल हत्याकांड में भी पुलिस जांच में युवराजसिंह का नाम आया था।

मंदसौर से 10 माह में तीन हत्याएं

मंदसौर में जनवरी से लेकर अक्टूबर तक के 10 माह में तीन हत्याएं हो चुकी है। तीनों में ही सरेआम बदमाशों ने अवैध हथियारों से फायर किए है। इससे यह साबित हो जाता है कि पुलिस का बीट सिस्टम कितना कमजोर हो गया है। 17 जनवरी की शाम को नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की भी तीन गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में आरोपित मनीष बैरागी अभी जेल में बंद है और मामला कोर्ट में हैं। फिर 10 अप्रैल को डायमंड ज्वेलर्स के संचालक अनिल सोनी को भी चौधरी कॉलोनी स्थित घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपित चून्नू लाला को अभी तक पकड़ नहीं पाई है। और अब युवराजसिंह की हत्या कर दी गई।