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फ्लैग- निरीक्षण पर आए डीआरएम ने दिए संकेत- और भी सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी

*इंदौर से मंदसौर तक विद्युतीकरण एक माह में पूरा होगा

*मंदसौर स्टेशन पर बन रहा वातानूकुलित यात्री प्रतीक्षालय

11 एमडीएस-79 केप्शनः मंदसौर में प्लेटफॉर्म एक पर व्यवस्थाओं को देखते हुए डीआरएम आरके सुनकर।

11 एमडीएस-80 केप्शनः प्लेटफॉर्म से बाहर आने वाले रास्ते पर स्लेब को भी देखा डीआरएम आरके सुनकर ने।

11 एमडीएस-89 केप्शनः प्लेटफॉर्म एक पर इस जगह बन रहा है एसी वेटिंग हॉल।

11 एमडीएस-90 केप्शनः शिवना पुल पर भी गुरुवार को विद्युत लाइन के लिए पोल लगा दिए गए।

11 एमडीएस-91 केप्शनः ठेकेदार की क्रेन से गुरुवार को दिन में शिवना पुल पर पोल लगाने का काम चलता रहा।

मंदसौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

इंदौर-अजमेर रेलमार्ग पर तेजी से चल रहे कार्यों का असर मंदसौर रेलवे स्टेशन पर भी दिख रहा है। यहां अभी विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है। मंदसौर प्लेटफॉर्म पर पोल व अन्य उपकरण का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा शिवना पुल पर भी गुरुवार को पोल लगा दिए गए। पुल के दूसरी तरफ विद्युत लाइन भी बिछ चुकी है। गुरुवार को ही मंदसौर पहुंचे रतलाम डीआरएम आरके सुनकर ने दावा कि मंदसौर से इंदौर के बीच विद्युतीकरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। मार्च तक चित्तौड़ तक पूरा होने के बाद इंदौर से अजमेर तक इस लाइन पर बिजली के इंजिन से ट्रेनें चलने लगेंगी। इसके अलावा मंदसौर में नया प्लेटफॉर्म भी बनेगा व अतिरिक्त लाइन भी बिछेगी।

नीमच-चित्तौड़ सेक्शन में लगभग 10 सीमेंट फैक्टरियां हो गई हैं। फैक्टरियों के लिए कोयला लाने और यहां से सीमेंट ले जाने में रेलवे को अच्छा राजस्व प्राप्त हो रहा है। इसके चलते यहां रेलवे के प्रोजेक्ट भी शुरू होने के बाद तेजी से चल रहे हैं। अभी नीमच-रतलाम सेक्शन में इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। ठेकेदार कंपनी ने रतलाम से जावरा तक लाइन बिछा दी है औेर रेलवे ने उसकी टेस्टिंग भी कर दी है। अब मंदसौर के काफी नजदीक तक लाइन आ गई है। मंदसौर रेलवे स्टेशन पर पोल व आवश्यक उपकरण लग चुके हैं। इसके अलावा बीच में बाधा बन रहे शिवना पुल पर गुरुवार को ही पोल लगा दिए गए। सीतामऊ फाटक क्षेत्र तक विद्युत लाइन भी बिछ गई है। अब पिपलियामंडी से नीमच के बीच पोल लगाने का कार्य चल रहा है।

गीता भवन के पास बन रहा छोटा सब स्टेशन

लाइन पर एक समान वॉल्टेज से बिजली प्रवाहित करने के लिए मार्ग पर बीच-बीच में छोटे सब स्टेशन भी बनेंगे। इसमें अभी एक ढोढर में बनेगा। मंदसौर स्टेशन के पास गीता भवन क्षेत्र में एक सब स्टेशन बनाया जा सकता है। रेलवे सूत्रों के अनुसार पहले मंदसौर में बड़ा सब स्टेशन बनाने का प्रस्ताव था। यहां रेलवे की जगह की कमी के चलते उसे संभवतः नीमच शिफ्ट कर दिया गया है।

सभी तरफ हो रही है इलेक्ट्रिक लाइन

नीमच-रतलाम रेलखंड पर चल रहा इलेक्ट्रिफिकेशन कोटा-रतलाम रेलमार्ग व्हाया चित्तौड़, नीमच, मंदसौर पर हुए ठेके के तहत हो रहा है। कोटा-चित्तौड़ के बीच भी इलेक्ट्रिक लाइन का कार्य लगभग पूरा होने को है। अजमेर-चित्तौड़ व चित्तौड़-उदयपुर के बीच भी इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा हो चुका है। रतलाम से इंदौर तक लगभग कार्य पूरा हो चुका है। रतलाम से जावरा के बीच भी इलेक्ट्रिक लाइन का टेस्टिंग हो चुकी है। मंदसौर से चित्तौड़ तक कार्य पूरा होने के बाद रतलाम से दिल्ली तक के लिए इलेक्ट्रिफिकेशन वाला अतिरिक्त रेलमार्ग भी मिल जाएगा।

डीजल खपत कम करने के लिए हो रही कवायद

डीआरएम आरके सुनकर ने गुरुवार को मंदसौर रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन पर चले इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य देखा। इसके प्लेटफॉर्म एक पर बने रेलवे मेल सर्विस का ऑफिस अब बंद हो चुका है। इसकी जगह वातानुकूलित वेटिंग हाल बनाया जा रहा है। उसका भी निरीक्षण किया। पत्रकारों से चर्चा में बताया कि रेलवे को डीजल के बजाय इलेक्ट्रिक इंजन चलाना फायदे का सौदा है। बिजली की खपत से महंगा डीजल पड़ रहा है। इसके अलावा पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा। वहीं मंदसौर स्टेशन पर अब तेजी से यात्री भार बढ़ रहा है इस हिसाब से सुविधाएं भी जुटाई जा रही है। संभावना है कि मार्च तक चित्तौड़ तक इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा होने पर इंदौर से अजमेर तक बिजली से इंजन से ट्रेनें चलने लगेंगी।