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हैदरवास पहुंचा स्वास्थ्य अमला/ स्वास्थ्य के प्रति सावधानियां रखने की समझाइश दी

18 एमडीएस-98 केप्शन-ग्राम हैदरवास में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए चिकित्सक।

18 एमडीएस-99 केप्शन- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयों का छिड़काव करते हुए कर्मचारी।

मंदसौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित ग्राम हैदरवास में रविवार को स्वास्थ्य अमला पहुंचा। चिकित्सकों ने ग्रामवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया एवं गांव में मच्छर व कीट रोधी दवाइयों का छिड़काव भी किया गया। लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सावधानियां रखने की समझाइश दी गई। जिले में अतिवृष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं गांवों में लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा छिड़काव के लिए पांच टीमों का गठन किया है।

रविवार को हैदरवास गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाई छिड़काव किया गया। दल ने सभी ग्रामवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्हें एंटीबायोटिक, ओआरएस, एलर्जी की दवाइयां एवं पानी साफ हो, इसके लिए क्लोरीन की दवाई भी दी गई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों का प्रकोप न हो, इसे लेकर उषा एवं आशा कार्यकर्ताओं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम को भी स्वास्थ्य के संबंध में जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं।

चिकित्सकों को निर्देश, रेफर मरीज का तुरंत करें उपचार

जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थ सभी डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर उनके पास कोई रेफर का केस आता है, तो उसका तुरंत उपचार किया जाए। इसके साथ ही सभी को मुख्यालय में बने रहने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिले में जिन क्षेत्रों में मलेरिया का प्रभाव है, वहां विभाग द्वारा मलेरिया फीवर सर्वे भी किया जा रहा है।

गेहूं वितरण का कार्य प्रारंभ

जिले में बाढ़ एवं अतिवृष्टि में जिन लोगों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से खाद्य सामग्री खराब हो गई है, वहां प्रशासन गेहूं वितरण कर रहा है। गांव हैदरवास में पटवारी सर्वे के आधार पर 148 परिवारों को चिन्हित किया गया है, जिनके मकान टूट गए हैं। इस सर्वे के आधार पर प्रति परिवार को 50 किलो गेहूं सहकारी उचित मूल्य की दुकान के माध्यम से वितरित किया जा रहा है। गेहूं वितरण रविवार से प्रारंभ हो गया है। इसके अलावा जिन परिवारों का घर में रखा सामान गद्दा, बेड, रजाई, उनके वस्त्र, जो पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार द्वारा प्रकरण भी बनाए गए हैं।