आज लगेगा निशुल्क नेत्र शिविर

मंदसौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

स्वास्थ्य विभाग, जिला अंधत्व निवारण समिति के सहयोग से श्री लाभमुनि नेत्र चिकित्सालय में निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन परीक्षण शिविर लगाया गया। इसमें 98 मरीजों के ऑपरेशन किए गए।

सीएसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद कहते थे मजबूर या जरूरतमंद की सेवा करना ही मानव धर्म है। गीता में लिखा है निष्काम भाव से की गई सेवा से मानवता के सोपान आलोकित होते हैं। मानवता को जिंदा रखने के लिए अच्छे लोगों की जरूरत है। व्यक्ति की तकलीफ बढ़ाने में योगदान न दे। उसे सद्विचारों का योगदान दें। श्री लाभमुनि जन सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष ने बताया कि मंदसौर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए कुल 14 निशुल्क नेत्र शिविरों में 1279 परीक्षण हुए थे। इसमें 98 रोगी मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किए गए। अब सभी के निशुल्क ऑपरेशन किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में लायंस क्लब गोल्ड संस्थापक अध्यक्ष सुरेश सोमानी ने भी संबोधित किया। अतिथि स्वागत क्लब अध्यक्ष डॉ. चंदा कोठारी, ट्रस्टी आनंदीलाल दुग्गड़, रमेश पोरवाल, नरेंद्र कुमार रांका आदि ने किया। लायंस गोल्ड क्लब अध्यक्ष डॉ. चंदा कोठारी ने बताया कि 13 अक्टूबर को विशाल निशुल्क नेत्र शिविर श्री लाभमुनि चिकित्सालय में लगाया जाएगा। इसमें निशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जाएंगे।

सेन समाज के निर्वाचन अधिकारी नियुक्त

मंदसौर। सेन समाज जिलाध्यक्ष शंभूसेन राठौर ने बताया कि जल्द ही सेन समाज की नगर इकाई का निर्वाचन वरिष्ठों के मार्गदर्शन में होंगे। निर्वाचन अधिकारी शिक्षाविद भगवतीप्रसाद गेहलोद, नाथूलाल सोलंकी जेतपुरा, बलराम राठौर, राजेश सोलंकी, दिनेश नाई, जगदीश खटोड़, नारायणलाल गेहलोद, बाबूलाल सोलंकी को नियुक्त किया गया है। निर्वाचन अधिकारी जल्द ही निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर चुनाव कराएंगे। जिले के तहसील एवं नगरों के चुनाव भी शीघ्र कराएं जाएंगे।

श्री दुधाखेड़ी माताजी का भंडारा आज

11 एमडीएस-87 केप्शनः मां दूधाखेड़ी माताजी।

गरोठ। नईदुनिया न्यूज

ग्राम बरखेड़ा गंगासा में स्थित श्री दुधाखेड़ी माताजी मंदिर पर भंडारे का आयोजन 13 अक्टूबर को रखा गया है। गरोठ तहसील मुख्यालय से आठ किमी दूर बसे ग्राम बरखेड़ा गंगासा में गांव से करीब आधा किमी दूर गरोठ खड़ावदा रोड पर स्थित अतिप्राचीन मां दुधाखेड़ी माताजी मंदिर प्रांगण में मां दूधाखेड़ी के आशीर्वाद से व समस्त भक्तों के सहयोग से 22 वर्षों से शरद पूर्णिमा के दिन लगातार मां दूधाखेड़ी का भंडारा होता आ रहा है। समस्त ग्रामीण व आसपास के गांव के सभी भक्त मां दूधाखेड़ी के भंडारे को एक बड़ा त्योहार मानते हैं और पूरा गांव बंद रहेगा। व्यापारी प्रतिष्ठान बंद रखते हैं व किसान अपना कृषि कार्य व मजदूर वर्ग भी इस दिन छुट्टी रखते हैं। भंडारे के दिन गांव में किसी भी व्यक्ति के घर चूल्हा नहीं जलेगा। सभी ग्रामवासी भंडारे में ही भोजन-प्रसादी ग्रहण करेंगे। सुबह आठ बजे मां दूधाखेड़ी की आरती के पश्चात कन्या भोज होगा फिर भंडारा प्रारंभ होगा जो देर शाम तक निरंतर चालू रहेगा।